न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में बुधवार को सभासदों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाईं और शोर-शराबा भी किया। सभासदों की सबसे ज्यादा शिकायत अमृत योजना के तहत खोदी गईं शहर की सड़कों को लेकर थी। सभासदों का आरोप था कि इस योजना के तहत शहर के लोगों को पानी भी नहीं मिल रहा और शहर की सड़कें और गड्ढायुक्त हो गई हैं। कई सभासद तो नगर पालिकाध्यक्ष की टेबल के आगे अपने क्षेत्र में बरातघर का काम पूरा न होने पर धरने पर भी बैठ गए। शोर-शराबे के बाद नगर पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने जल्द ही सभासदों को उनके क्षेत्र की समस्याएं पूरा कराने का आश्वासन दिया।
नगर पालिका बोर्ड की बैठक बुधवार को नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा की अध्यक्षता में पालिका के सभागार में हुई। सभासदों ने सबसे पहले वहां पेयजल संकट की मुद्दा उठाया। सभासदों की सबसे ज्यादा शिकायत जल निगम की अमृत योजना को लेकर थी। सभासदों का कहना था कि इस योजना के तहत लोगों को पानी भी नहीं मिल रहा और शहर की सड़कों में हर तरफ गड्ढे हो गए हैं। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं। कई सभासदों ने अपने क्षेत्र में गंदगी और जलभराव का मुद्दा भी उठाया। सभासद निशांत उपाध्याय का कहना था कि उनके क्षेत्र में पंपिंग स्टेशन चालू नहीं है और इसकी वजह से जलभराव हो रहा है। इसी दौरान कई सभासदों अपने क्षेत्र में निर्माण कार्य पूरा न होने का आरोप लगाया। इन सभासदों का कहना था कि कई साल पहले उनके वार्ड में बरातघर का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन आज तक यह पूरा ही नहीं हुआ। यह सभासद टाउन हॉल में ही धरने पर बैठ गए।
नगर पालिकाध्यक्ष ने उन्हें बताया कि बजट के अभाव में यह निर्माण पूरे नहीं हुए हैं। बजट आते ही निर्माण पूरा करा दिया जाएगा। कई सभासदों ने अपने वार्डों की कुछ और समस्याएं भी बताईं। इस मौके पर अमृत योजना के तहत जल निगम द्वारा डाली जा रही पेयजल की लाइनों की गुणवत्ता व मानक के अनुरूप कार्य न होने पर नगर हित में निर्णय लेेने का फैसला लेने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही जल निगम द्वारा बॉडी शॉपिंग के आधार पर कर्मचारियों को समायोजित करने, कोविड-19, वर्तमान यूक्रेन युद्ध व अन्य कारणों से निर्माण व विकास कार्यों में आ रही बाधाओं पर चर्चा व निर्णय जैसे प्रस्ताव रखे गए।
इस मौके पर नगर पालिका की सीमा क्षेत्र में निर्मित कॉलोनियों के नक्शा पास कराने के सिलसिले में प्रस्ताव रखा गया और यह बात कही गई कि इन कॉलोनियों के नक्शे विनयिमित क्षेत्र से पास कराए जा रहे हैं, जबकि इन कॉलोनियों में न तो जलनिकासी की व्यवस्था है और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं हैं, इसलिए ऐसी कॉलोनियों पर एकमुश्त विकास चार्ज लेने के बाद ही नक्शे पर कार्रवाई की जाए। शहर के पार्कों और चौराहों पर भी अवैध निर्माण न किए जाने को लेकर प्रस्ताव पारित हुआ। नगर पालिका के ईओ अनिल कुमार का कहना है कि बैठक में पांच प्रस्ताव रखे गए थे और सभी पारित हो गए हैं। इस मौके पर नगर पालिका के ईओ अनिल कुमार के अलावा सभासद नारायण लाल, श्रीभगवान वर्मा, निशांत उपाध्याय, प्रदीप शर्मा, प्रमोद शर्मा, अंजलि शर्मा, विनोद प्रेमी, शाहिद कुरैशी, रजिया बेगम, विशाल दी क्षित, अशोक शर्मा, संजय सक्सेना, विमल प्रधान, लीलावती पुंडीर आदि मौजूद थे। संवाद