न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी में कहा है कि उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रत्येक सदस्य से बात की है। बिटिया के साथ हुई घटना बेहद दुखद है। जो भी दोषी होगा, उसे कठोरतम सजा दिलाई जाएगी। चंदपा के गांव जाकर पीड़ित परिवार से मिलने के बाद वह पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी के साथ पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
अवनीश अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसमें हमारे विभाग के सचिव भगवान स्वरूप हैं। इनके अलावा डीआईजी स्तर के अधिकारी चंद्रप्रकाश और महिला अधिकारी आगरा की पीएसी कमांडेंट पूनम हैं। एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। परिवार वालों से कुछ हद तक बयान ले लिए हैं। एसआईटी की पहली रिपोर्ट शुक्रवार की शाम को प्राप्त हुई। इसके आधार पर मुख्यमंत्री जी ने तत्कालीन एसपी, तत्कालीन सीओ, तत्कालीन इंस्पेक्टर, हेड मुहर्रिर सहित पांच लोगों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी गई है।
एसआईटी अपना काम लगातार करेगी। पीड़ित के परिवार वालों ने जो बातें नोट कराईं हैं, उनका समाधान निकाला जाएगा। गांव में सुरक्षा की व्यवस्था बनी रहेगी। उसकी व्यवस्था के लिए कमिश्नर व आईजी सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ साथ हम लोग जनप्रतिनिधियों से भी मिलेंगे। उनसे सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। एसआईटी की जांच के आधार पर जो भी दोषी होगा, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मीडिया के सवालों पर अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा कि जो बिंदु आप उठा रहे हैं, वही परिवार ने भी उठाए हैं, उनका एसआईटी अपनी जांच कर रिपोर्ट देगी।
मीडिया के सवालोें से बचते दिखे अधिकारी
मीडिया ने इस प्रकरण को लेकर जब अपर मुख्य सचिव व डीजीपी से कई सवाल पूछे तो अधिकारी इन सवालों का जवाब देने में कतराते रहे। सवालों का दौर शुरू हुआ तो अपर मुख्य सचिव व डीआईजी वहां से उठ कर चले गए। उन्हें काफी रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह एसपी दफ्तर से निकल कर सीधे बाहर आए और अपनी अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए।