न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन की ओर से गठित एसआईटी द्वारा वादी और आरोपियों के नार्को टेस्ट की बात करने के बाद अब फिर से सियासत गरमा गई है। इस मामले में अब मृतका के परिजनों ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आरोपियों का नार्को टेस्ट कराया जाए। हम नार्को टेस्ट नहीं कराएंगे। आखिर हमारा नार्को टेस्ट कराने के पीछे शासन की क्या मंशा है, यह समझ में नहीं आ रहा है।
बिटिया की मौत के मामले में शासन स्तर से एसआईटी गठित होने के बाद जांच की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। एसआईटी विभिन्न बिंदुओं पर गांव में जाकर जांच करने में जुटी है। एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार अब शासन ने वादी व प्रतिवादी दोनों ही पक्षों का नार्को टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
मृतका पक्ष का नार्को टेस्ट कराने की बात सामने आने के बाद उसके परिजनों ने आपत्ति जताई है। मृतका के परिजनों का कहना है कि हमारे साथ घटना घटित हुई है और पुलिस हमें झूठा समझ रही है। हम अपना नार्को टेस्ट नहीं कराएंगे। हमारी बिटिया के साथ जो घटना हुई है, उसे हमने सच सच बताया है। इसके बावजूद हमारी बात पर किसी को भी भरोसा नहीं है।