हाथरस : मासूम बालिका अवनी का फाइल फोटो। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
कस्बा के मोहल्ला अहीरान में छत पर खेल रही तीन वर्षीय मासूम बालिका गिरकर घायल हो गई। उपचार के लिए ले जाते समय बालिका की उपचार के अभाव में मौत हो गई। परिवार वालों ने चिकित्सकों पर बालिका के इलाज में टालमटोल करने का आरोप लगाया है।
कस्बा के मोहल्ला अहीरान निवासी अवनीश कुमार यादव की तीन वर्षीय मासूम बालिका अवनी बुधवार को अपने मकान की छत पर खेल रही थी। अवनी अचानक छत से गिरकर घायल हो गई। परिजन उपचार के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर ले गए। वहां दोपहर करीब तीन बजे कोई भी चिकित्सक घायल मासूम बालिका को देखने के लिए सीएचसी पर नहीं आया। चिकित्सकों के मौजूद नहीं होने के कारण घायल बालिका अवनी के पिता अवनीश कुमार यादव सीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट दीपेंद्र सिंह के पास लेकर पहुंचा तो उन्होंने किसी भी चिकित्सक को बुलाने के बजाय घायल बालिका के पिता को यह कहकर वापस कर दिया कि यहां कोई नहीं है।
परिजन उसे झोलाछाप चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन उन्हाेंने भी बालिका के देखने से इंकार कर दिया। तभी एक स्वास्थ्य कर्मी ने घायल मासूम बालिका की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल सीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट से रेफर स्लिप बनवाकर जिला चिकित्सालय के लिए रेफर करा दिया। पिता ने बताया कि जब वह अपनी मासूम पुत्री को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पर ले गए तो वहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने भी घायल बालिका को नहीं देखा। जब उन्होंने शोरगुल किया तो स्वास्थ्य कर्मी ने बालिका को भर्ती करने के बजाय ड्रिप लगाकर जिला चिकित्सालय से भी रेफर कर दिया। बालिका की उपचार के अभाव में अलीगढ़ पहुंचते-पहुंचते रास्ते में ही मौत हो गई। बालिका के परिजन विलाप करने लगे। अवनीश कुमार यादव का कहना है कि अगर हसायन या हाथरस में चिकित्सक उनकी बच्ची का उपचार शुरू कर देते तो शायद उसकी मौत नहीं होती। संवाद