न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का रविवार को सम्मान किया गया। इस मौके पर तालाब चौराहा स्थित ओवरब्रिज के नीचे नगर पालिका ने इस चौक का नामकरण लोकतंत्र रक्षकवीर चौक किया। जिले के 80 लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रसाद वर्मा और विशिष्ट अतिथि लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के प्रदेश महामंत्री नवल किशोर रहे।
नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को देश कभी नहीं भूलेगा। ये वो दौर था, जब आम नागरिकों से लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिए गए थे। जब देश में आपातकाल लगाया गया। तब इसका विरोध केवल राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन-जन के दिलों में आक्रोश था। जिले के लोकतंत्र सेनानियों ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। संगठन के प्रदेश महामंत्री नवल किशोर ने कहा कि आपातकाल के दौरान हम सभी में आक्रोश था, क्योंकि हमको लगा कि हमसे हमारा कुछ छीन लिया गया है। समाज व्यवस्था चलाने के लिए संविधान की जरूरत होती है। कायदे, कानून व नियमों की जरूरत होती है।
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गठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रसाद वर्मा ने कहा 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक अनुच्छेद 352 के आधार पर देश में आपातकाल की घोषणा की गई। ये दौर आजाद भारत के इतिहास में सबसे विवादास्पद माना जाता है। कार्यक्रम में यशपाल भाटिया, राजेंद्र प्रसाद, मुकुंदीलाल, रमेशचंद्र आर्य, चिरंजीलाल, राजन सिंह, बनी सिंह राना, कमलेश दत्त सारस्वत, हरीशंकर, हरिओम गर्ग, रामवीर सिंह, सुरेशचंद्र, प्रेमचंद्र, मोहनचंद्र, लखमीचंद्र, महेशचंद्र, सोरन सिंह, गीताराम, राजाराम, अशोक कुमार शर्मा, साहब सिंह, नरेश कुमार, राजपाल, राजेंद्र सिंह, दीन मोहम्मद, चमन खां, जब्बार, हनीफ मोहम्मद, यूनिस, मुन्नी देवी, विद्या देवी, सुमन देवी, सुमन वार्ष्णेय मौजूद रहीं।