न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
प्रदेश सरकार सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावे भले ही करती है, लेकिन जिले की सबसे बड़ी पंचायत में शुमार कुरसंडा गांव के लिए जाने वाली सड़कों का हाल देखकर उसका यह दावा खोखला नजर आता है। पिछले कई वर्षों से सड़क का हाल-बेहाल है। आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने सुनवाई नहीं की है और न हीं अधिकारी हरकत में आए हैं।
इसकी सुनवाई नहीं की और ना ही अधिकारियों ने गौर फरमाया है।
सड़कों का हाल इतना खराब है कि छोटे वाहन तो दूर, राहगीर भी आने-जाने में परेशान हैं। कुरसंडा-मई मार्ग, अनगदा, कुरसंडा मई मार्ग से नगला काठ, टीकैत रजवाहे से थलूगढ़ी, मोती गढ़ी, नगला बलवंत और नगला पदम के लिए जाने वाली सड़क का हाल-बेहाल है। कुरसंडा-सादाबाद मार्ग से नगला मांधाता होते हुए आगरा रोड तक जाने वाली सड़क भी गड्ढों में तब्दील हो गई है। करीब 20 साल पहले तत्कालीन सांसद ओमपाल सिंह निडर ने यहां की सड़कों का निर्माण कराया था। इसके बाद 2002 में विधायक रहे प्रताप चौधरी ने सड़कों पर कुछ काम कराया था। इसके बाद से आज तक न सड़कों का निर्माण हुआ है और न ही मरम्मत हुई है।
क्षेत्र में विकास कार्य हुए हैं, लेकिन सड़कों की समस्या अभी तक बनी हुई है। सड़कों का दुरुस्त होना अति आवश्यक है। सड़क निर्माण हो जाने से लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी। -भुवनेशचंद्र शर्मा, कुरसंडा
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संपर्क मार्गों की हालत खस्ता होने से टहलने वाले लोगों से लेकर स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं आए-दिन गिरकर घायल हो जाते हैं। बदहाल सड़कों की तरफ किसी जनप्रतिनिधि, अधिकारी का ध्यान नहीं है।
-चौधरी दाताराम, मोतीगढ़ी
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क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं हैं। वाहन चालक आए-दिन गिरते रहते हैं। सड़कों का निर्माण कराया जाना बेहद आवश्यक है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं कर रहा।
-उदयवीर सिंह, नगला काठ
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वोट मांगने के समय उम्मीदवार सड़कों के निर्माण को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन 20 साल हो गए हैं। आज तक सड़कों का दोबारा निर्माण नहीं हो पाया है। आवागमन में बहुत दिक्कत होती है।
-जानकी प्रसाद, नगला मोहन