न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
उमसभरी गर्मी में बिजली की जर्जर लाइन आपूर्ति में खलल डाल रही हैं। कभी दिन तो कभी रात में करीब तीन से चार घंटे के लिए बिजली बाधित हो रही है। बिना बिजली के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी जर्जर लाइनों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार को भी करीब तीन से चार घंटे बिजली गुल रही।
उल्लेखनीय है कि शहर, देहात कस्बा में बिजली संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। बिजली न मिलने से शहर से देहात तक लोगों में आक्रोश है। शनिवार को शहर के ओढ़पुरा, गिजरौली, नवीपुर, प्रगतिपुरम, कांशीराम टाउनशिप आदि उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में खराबी आ गई।
ग्रामीण क्षेत्र के सलेमपुर, सोखना, नगला रति, मुरसान, चंदपा आदि विद्युत उपकेंद्रों की लाइनों में ब्रेक डाउन हो गए। बिना बिजली के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा का कहना है कि गर्मी में सिस्टम ओवरलोड हो रहा है। इस कारण फॉल्ट में इजाफा हो रहा है। अधीनस्थों को जल्द से जल्द आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं।
कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारी जर्जर लाइनों को बदलने के साथ आपूर्ति पर ध्यान दें। -महेशचंद्र
बिना बिजली के उद्योग-धंधे प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को लाइनों को बदलने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उद्योगों को पर्याप्त बिजली मिल सके। बिना बिजली के दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
-प्रिंस बंसल
बिजली संकट आम बात हो गई है। कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल हो रही है। उमसभरी गर्मी में बिना बिजली के खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद स्थिति नहीं सुधर रही।
-संदीप भारद्वाज
जैस-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे बिजली का सितम भी बढ़ता जा रहा है। लाइनों में आए-दिन फॉल्ट की समस्या पर विभाग को ध्यान देना चाहिए, ताकि गर्मी में पर्याप्त बिजली मिल सके।
-शेखर वार्ष्णेय