न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना की मार से झेल रहे व्यापारी वर्ग को चुनाव में मायूसी हाथ लग रही है। चुनावों में रोड शो, रैली, बड़ी चुनावी सभाओं पर रोक लगाने के बाद टेंट व साउंड कारोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है। जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र में वर्चुअल प्रचार-प्रसार हो रहा है। इससे टेंट कारोबारियों को झटका लगा है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले चुनाव में लाखों रुपये का कारोबार हुआ था। यह इस साल घटकर 10 फीसदी भी नहीं रह गया है।
जिले में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 100 टेंट कारोबारी है। पांच से छह दर्जन साउंड कारोबारी हैं। दो साल से कारोना की मार झेल रहे कारोबारियों ने चुनाव के कारण पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन वर्चुअल प्रचार ने उनके कारोबार को झटका दे दिया है। उनका कहना है कि काम न मिलने के कारण उनको काफी नुकसान हो रहा है, जबकि चुनावी वर्ष होने के कारण इस साल उन्हें उम्मीद की थी कि व्यापार और ज्यादा होगा।
चुनाव में जिले में कई बड़ी रैली व चुनावी सभाएं होती थीं। इससे व्यापारियों को अच्छा काम मिल जाता था। प्रत्येक व्यापारी को लगभग 10 से 20 हजार रुपये एक कार्यक्रम पर बचता था। वर्चुअल प्रचार से पूरा कारोबार ठप हो गया है। इसका सीधा असर हमारे कारोबार पर पड़ा है।
-हरीमोहन शर्मा, टेंट कारोबारी
विधानसभा चुनाव में अच्छा काम मिल जाता था। शहर में करीब 60 साउंड कारोबारी हैं। रैली, रोड शो और चुनावी सभाओं व प्रचार-प्रसार में काम मिलता था, जो इस साल खत्म हो गया है। पहले कोरोना के चलते शादी विवाह में भी काम कम था। अब केवल 10 फीसदी ही काम रह गया है।
-कौशल कुमार, साउंड कारोबारी।