न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है। इस चोरी को रोकने के लिए बिजली चोरी रोको महाअभियान की शुरुआत बीते महीने हुई थी। इसके तहत जनप्रतिनिधियों को 10-10 फीडर गोद लेने थे। लोगों को बिजली चोरी न करने के लिए प्रेरित करना था, लेकिन आज तक इस महाअभियान के प्रति जनप्रतिनिधियों ने सजगता नहीं दिखाई। इस कारण बिजली चोरी का ग्राफ जस का तस है और लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने वीडियो कांफ्रेंस के दौरान बिजली चोरी रोकने के लिए महाअभियान चलाने की बात कही थी। इस अभियान के दौरान लोगों को यह समझाना था कि बिजली चोरी करने से बिजली संकट और बढ़ेगा। इस महाअभियान में जिले के प्रतिनिधियों को दस दस फीडर गोद लेने थे।
इन फीडरों से जुड़े लोगों को बिजली चोरी न करने के लिए प्रेरित करना था, लेकिन महाअभियान कागजों में सिमट कर रह गया। शहर में तीस प्रतिशत से अधिक चोरी है। इस कारण हाथरस शहर रेड जोन में है। वहीं देहात में साठ प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। बिजली चोरी का ग्राफ न गिरने के कारण आज भी लोग शहर से देहात तक बिजली संकट का सामना कर रहे हैं।