न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की सचिव चेतना सिंह ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान महामारी को देखते हुए ऑनलाइन (गूगल मीट) के माध्यम से राजकीय महिला संप्रेक्षण गृह, मथुरा व बाल सुधार गृह मथुरा की स्थिति जानी और वहां निरुद्ध संवासिनियों व किशोरों को विधिक जानकारी दी।
इस समय राजकीय महिला संप्रेक्षण गृह मथुरा में 15 संवासिनी निरुद्ध हैं। सचिव ने संवासिनियों से वार्ता की। उनके खाने-पीने, रहने और चिकित्सा के संबंध में जानकारी ली गई। इस जिले की वहां दो संवासिनी हैं। उसमें एक के साथ एक बच्चा भी है। किसी भी संवासिनी के द्वारा विधिक सहायता के लिए अवगत नहीं कराया गया है। इसके साथ ही बाल सुधार गृह मथुरा में वर्तमान में कुल 72 बच्चे निरुद्ध हैं, जिनमें 22 बच्चे जनपद हाथरस से संबंधित है।
सभी निरुद्ध महिला संवासिनियों व किशोरों को जानकारी देते हुए सचिव ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते सभी मास्क का प्रयोग करें। सैनिटाइजर व साबुन से बार-बार हाथ साफ करते रहें। आपस में एक-दूसरे से सामाजिक दूरी रखें। खाने-पीने व गर्म पानी का अधिक से अधिक सेवन करें और अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि किसी महिला संवासिनी अथवा किसी किशोर को कोई परेशानी हो है तो अविलंब अधीक्षक/अधीक्षिका को अवगत कराएं। अधीक्षिका को सचिव ने निर्देशित किया कि बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। किसी भी संवासिनी अथवा किशोर को परेशानी होने पर अविलंब परामर्श के लिए चिकित्सक से संपर्क स्थापित किया जाए।