न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मंडी में आढ़तियों के यहां गेहूं का भाव ज्यादा होने का असर सरकारी खरीद पर पड़ रहा है। क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही। 13 दिन में अब तक 16 किसानों से 630 क्विंटल ही गेहूं की खरीद हो सकी है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद का यह आंकड़ा 10 फीसदी है। केंद्र प्रभारी किसानों से लगातार संपर्क कर गेहूं को क्रय केंद्रों पर लाने की गुजारिश कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में गेहूं खरीद के लिए इस बार 70 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों का आला अफसर लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। किसानों से गेहूं बेचने के लिए संवाद भी कर रहे हैं। इस साल पिछले साल की अपेक्षा गेहूं का भाव भी शासन ने बढ़ा दिया है, लेकिन मंडी में गेहूं का दाम पिछले वर्ष से 20 से 30 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। इस कारण किसान क्रय केंद्रों का रुख नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर अधिकारी खासे परेशान हैं।
बुधवार को डीएम ने सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। वहां गेहूं लेकर आए किसानों से वार्ता भी की। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद अभी तक 10 प्रतिशत पर पहुंची है। 603 किसानों ने ही 13 दिन में अपना गेहूं बेचा है। उपसंभागीय खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार का कहना है कि गेहूं खरीद में तेजी लाने के लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारी प्रयास कर रहे हैं। संवाद