न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अब क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंचने वालेे किसानों को अपना पंजीकरण और मोबाइल नंबर बताना होगा। पंजीकरण नंबर डालने के बाद ई पॉस मशीन में पूरा ब्योरा आ जाएगा। उसके बाद ही किसान क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। अब तक कुल 15 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें से आठ हजार किसानों से अब तक 53 क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचा है। इसके साथ जिले में अब तक तीन लाख 51 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना कर्फ्यू के चलते गल्ला मंडी बंद होने से जिले में गेहूं की खरीद में लगातार तेजी आ रही है। किसान अपना गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर ही पहुंच रहे हैं। किसानों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से पंजीकरण कराने के साथ इस बार नामिनी की सुविधा भी दी गई है। जिले के कुल 15 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले तीन हजार अधिक है। अब तक आठ हजार किसानों ने क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच दिया है। सात हजार किसान अभी गेहूं बेचने से रह गए हैं।
अब यह किसान गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचेंगे तो उन्हें पहले अपना पंजीकरण नंबर और मोबाइल नंबर बताना होगा। इसके साथ केंद्र प्रभारी के सामने उनका पूरा ब्योरा आ जाएगा। किसान निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही गेहूं बेच सकेंगे। ई पॉस मशीन से गेहूं खरीद में पारदर्शिता भी आएगी।
सभी केंद्रों पर ई पॉस मशीन आ गई हैं। किसान अपना पंजीकरण नंबर और मोबाइल नंबर बताएंगे। उसके बाद पूरा ब्योरा केंद्र प्रभारी के सामने होगा। ई पॉस मशीन से गेहूं खरीद में पारदर्शिता आएगी।
-राजेश कुमार, डिप्टी आरएमओ