न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले को न्यायालय ने 10 वर्ष केे कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी 22 मार्च 2014 को घर से बाहर शौैच करने गई थी। वह काफी देर तक वापस नहीं आई तो उसके परिवार के लोगों ने तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। बाद में जानकारी हुई कि किशोरी को विक्की बहला-फुसला कर कहीं ले गया है। इसमें प्रेमपाल सिंह, छोटेलाल, पुष्पेंद्र, प्रमोद ने सहयोग किया है। इस मामले में थाना हाथरस जंक्शन में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचक ने अभियुक्त विक्की, राकेश, कुलदीप, छोटेलाल, पुष्पेंद्र एवं प्रमोद के विरुद्ध धारा-363, 366, 376डी आईपीसी में आरोपपत्र दाखिल किया। दौरान विचारण मुकदमा अभियुक्त छोटेलाल की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध मुकदमा उपशमित किया गया।
मामले की सुनवाई एडीजे एफटीसी प्रथम सत्येंद्र सिंह वीरवान के न्यायालय में हुुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त राकेश, कुलदीप, पुष्पेंद्र और प्रमोद को संदेेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया, जबकि अभियुक्त विक्की उर्फ भीकंबर को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी माना। कोर्ट ने विक्की उर्फ भीकंबर को 10 वर्ष के कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी मुकेश कुमार सिंह ने की। संवाद