फरीदाबाद से आए लोगों ने बताया कि उन्हें अभी केवल प्रदेश सरकार से घोषित सहायता राशि मिली है। केंद्र सरकार ने जो घोषणा की थी, वह धनराशि नहीं मिली। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर व अन्य अभिलेखों की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई है। एक सवाल के जवाब में इन्होंने बताया कि पड़ोस की महिलाओं ने सत्संग में आने का कार्यक्रम बनाया था, जिसमें उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे भी चले आए। शिवराज उनके साथ चले आए थे।
टेंट का सामान हो रहा चोरी
जिस पंडाल में सत्संग हो रहा था, हादसे के बाद उसका सामान घटनास्थल पर ही पड़ा है। बदायूं निवासी ठेकेदार राजकपूर ने बताया कि दो ट्रक सामान तो बदायूं चला गया, लेकिन बाकी तीन ट्रक सामान पुलिस उठाने नहीं दे रही है। ऐसे में खुले में पड़े बांस, बल्ली और लोहे के पैनल चोरी हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले न्यायिक, एसआईटी जांच चल रही है, जब तक जांच पूरी नहीं होगी तब तक समान नहीं हटाया जा सकता है। कभी भी न्यायिक आयोग घटनास्थल पर आकर सीन रिक्रिएट कर सकता है। कपड़ा एक अस्थायी टेंट में रखा हुआ है। रात में जो लोग यहां रहते हैं, वह डर की वजह से टेंट से बाहर नहीं निकल पाते।