इस बीच जो लोग इस सत्संग में शामिल होने गए थे और भगदड़ का शिकार हुए हैं उन्होंने बताया कि मौके पर कैसे मंजर था। एक युवती ने बताया कि सत्संग में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। सत्संग समाप्त हुआ उसके बाद लोग वहां से जाने लगे। इसी दौरान निकलने की जल्दी में भगदड़ मच गई। लोग एक दूसरे को देख ही नहीं रहे थे। महिलाएं और बच्चे गिरते चले गए। भीड़ उनके ऊपर से दौड़ रही थी। कोई बचाने वाला नहीं था। चारों ओर चीख पुकार मची हुई थी।
तीन किलोमीटर तक फैली थी वाहनों की संख्या
जानकारी सामने आई है कि महीने की शुरुआत के पहले मंगलवार को सत्संग होता है। इस सत्संग में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों के लोग आए थे। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाहनों की संख्या तीन किलोमीटर तक फैली हुई थी।