फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: श्रद्धालुओं के माथे पर सज रहा हाथरस का चंदन और रोली, 35 करोड़ का सालाना कारोबार

Mon, 05 Jan 2026 02:33 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

त्योहार और पर्व से पहले रोली और चंदन का कारोबार रफ्तार पकड़ लेता है। प्रयागराज में तीन जनवरी से 15 फरवरी तक माघ मेला लग रहा है। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। डुबकी के बाद पूजन में प्रयोग होने वाली रोली व चंदन हाथरस का होगा।
विज्ञापन
हाथरस का चंदन और रोली - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रयागराज के माघ मेले में हाथरस की रोली और चंदन श्रद्धालुओं के माथे की शोभा बढ़ा रहे हैं। शहर में 26 इकाइयां आकर्षक पैकिंग के साथ इसका उत्पादन कर रही हैं। इनका सालाना कारोबार लगभग 35 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन के जरिये यह माल देश के कोने-कोने में जा रहा है। हींग व रंग-गुलाल के बाद जिला इस कारोबार पर भी अपनी पकड़ बना रहा है।

पर्व और त्योहार पर उत्पादन बढ़ जाता है। माघ मेला, महाशिवरात्रि, होली और नवरात्रि में माल की आपूर्ति बाहर जाती है। वृंदावन-गोवर्धन के जरिये माल देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है। मथुरा, प्रयागराज, वाराणासी, उज्जैन, अयोध्या आदि धार्मिक स्थलों में रोली चंदन जाता है।-खेमेश वार्ष्णेय, रोली-चंदन कारोबारी।

विज्ञापन

शहर में रोली व चंदन का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। खास मौकों पर मांग ज्यादा होती है। माघ मेले के लिए आपूर्ति जारी है। अब नवरात्र की तैयारी की जा रही है। ऑर्डर पर माल बनाया जाता है। करीब तीन हजार लोगों को इस कारोबार से रोजगार मिल रहा है।-मनोज अग्रवाल, पूजा सामग्री कारोबारी।


माघ मेले से बढ़ता है कारोबार
त्योहार और पर्व से पहले रोली और चंदन का कारोबार रफ्तार पकड़ लेता है। प्रयागराज में तीन जनवरी से 15 फरवरी तक माघ मेला लग रहा है। यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। डुबकी के बाद पूजन में प्रयोग होने वाली रोली व चंदन हाथरस का होगा। यूं तो साल भर यह कारोबार चलता है, लेकिन माघ मेला, महाशिवरात्रि, होली व चैत्र नवरात्रि में इसके उत्पादन में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हो जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

श्रद्धालुओं को लुभा रही आकर्षक पैकिंग

उद्यमियों की मानें तो रोली और चंदन का कारोबार अब मुख्य रूप से आकर्षक पैकिंग पर निर्भर हो चुका है, जो जितना बेहतर दिखा उतना ही मार्केट में पकड़ बना पाएगा। इसके लिए हर इकाई पैकिंग पर ध्यान दे रही है। यहां तीन प्रकार के चंदन का उत्पादन हो रहा है। इनमें पाउडर, दानेदार व गीला चंदन है। तीनों के लिए अलग-अलग प्रकार की डिब्बियां बनती हैं। रोली दो ग्राम से लेकर आधा किलो तक पैकेट में पैक की जा रही है।
वृंदावन-गोवर्धन से पूरे देश में फैला व्यापार
शहर में रोली-चंदन बना रहीं इकाइयां वृंदावन और गोवर्धन के जरिये व्यापार कर रही हैं। जहां देश के कोने-कोने से व्यापारी पहुंचते है। शहर से तैयार माल थोक में मथुरा पहुंचता है। वहां से वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या आदि शहरों में पहुंचाया जाता है। बड़े कारोबारी सीधे दिल्ली सहित महाराष्ट्र, गुजरात, ओडीशा व दक्षिणी प्रांतों तक अपना माल पहुंचा रहे हैं। दिल्ली से कुछ माल निर्यात भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें