उद्यमियों की मानें तो रोली और चंदन का कारोबार अब मुख्य रूप से आकर्षक पैकिंग पर निर्भर हो चुका है, जो जितना बेहतर दिखा उतना ही मार्केट में पकड़ बना पाएगा। इसके लिए हर इकाई पैकिंग पर ध्यान दे रही है। यहां तीन प्रकार के चंदन का उत्पादन हो रहा है। इनमें पाउडर, दानेदार व गीला चंदन है। तीनों के लिए अलग-अलग प्रकार की डिब्बियां बनती हैं। रोली दो ग्राम से लेकर आधा किलो तक पैकेट में पैक की जा रही है।
वृंदावन-गोवर्धन से पूरे देश में फैला व्यापार
शहर में रोली-चंदन बना रहीं इकाइयां वृंदावन और गोवर्धन के जरिये व्यापार कर रही हैं। जहां देश के कोने-कोने से व्यापारी पहुंचते है। शहर से तैयार माल थोक में मथुरा पहुंचता है। वहां से वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या आदि शहरों में पहुंचाया जाता है। बड़े कारोबारी सीधे दिल्ली सहित महाराष्ट्र, गुजरात, ओडीशा व दक्षिणी प्रांतों तक अपना माल पहुंचा रहे हैं। दिल्ली से कुछ माल निर्यात भी किया जा रहा है।