सड़क सुरक्षा के मानकों में हाथरस जिला शून्य साबित हो रहा है। न रेडियम रिफ्लेक्टर हैं और न ही चेतावनी बोर्ड, जिससे मोड़ और गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल है। अधिकांश सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं है। कोतवाली ओवरब्रिज से बंबा तक के मार्ग पर न तो सड़क के बीच में सफेद पट्टी है और न ही किनारों पर। कोहरे में चालक को पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां खत्म हो रही है।
बिना बाउंड्री की पुलिया खतरे का सबब
जिले के कई मार्गों पर सफर सुरक्षित नहीं है। कलवारी बंबा, नहरोई बंबा और ककोड़ी गंदा नाला जैसी जगहों पर बनी पुलिया जर्जर हैं। इन अलावा देहात के विभिन्न स्थानों पर पुलिया खुली पड़ी हैं। इन पर सुरक्षा दीवार और रेलिंग तक नहीं हैं। घने कोहरे में अगर जरा सी भी भूल हुई, तो वाहन सीधे गहरे पानी या नाले में समा सकता है। पूर्व में हुए हादसों से भी विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है।
कैस 1
बीते साल 13 फरवरी की रात को हसायन क्षेत्र स्थित ईशन नदी की पुलिया से कार नदी में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इस पुलिया के दोनों और दीवार न होने की वजह से कार हादसा हुआ था
कैस 2
कलवारी बंबा की पुलिया पर रात्रि में कोहरे के चलते हादसे का डर बना रहता है। 15 अक्तूबर की रात को पुलिया पार करते समय बाइक सवार प्रवीण कुमार निवासी चंद्रगढ़ी गिर गए थे। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे।