फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चलना संभल के: घुप अंधेरा, ऊपर से कोहरा, स्ट्रीट लाइटें नदारद, सड़क की ओर झुके पेड़, टूटी पुलिया, खतरा ही खतरा

Mon, 05 Jan 2026 10:48 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस के प्रमुख मार्गों मथुरा रोड हतीसा से आगे, मेंडू रोड, जलेसर रोड, कोटा रोड आदि मार्गों पर स्ट्रीट लाइट का इंतजाम नहीं है, जिससे शाम होते ही अंधेरा हो जाता है।
विज्ञापन
कोहरे में लाइट जलाकर निकलते वाहन सवार - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्ट्रीट लाइटें लगीं नहीं, ऊपर से घना कोहरा पड़ रहा है। पेड़ सड़कों तक झुक आए हैं। पुलिया टूटी पड़ी हैं, उनकी साइड की ओर दीवार नहीं हैं। ऐसे में रात और कोहरे के बीच यहां सफर में हर समय जान जोखिम में रहती है, जरा सी चूक हादसे की वजह बन सकती है।

विज्ञापन


यह हाल हाईवे से लेकर जिले के प्रमुख मार्गों का है। जिले का सबसे व्यस्त आगरा बाईपास अंधेरा छाया रहता है। स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से कोहरे में वाहन चालकों को परेशानी बनी रहती है। शहर में प्रमुख मार्गों मथुरा रोड हतीसा से आगे, मेंडू रोड, जलेसर रोड, कोटा रोड आदि मार्गों पर स्ट्रीट लाइट का इंतजाम नहीं है, जिससे शाम होते ही अंधेरा हो जाता है। जिला प्रशासन, नगर पालिका और एनएचएआई की टीम इस पर ध्यान नहीं दे रही है।
शून्य दृश्यता में नहीं दिखती झाड़ियां
विज्ञापन

सड़कों के किनारों पर उगी झाड़ियां और बबूल के पेड़ कोहरे में दृष्यता शून्य होने पर नहीं दिखते हैं। बल्कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए घातक चोट का कारण बन सकते हैं। आगरा रोड पर ही चंदपा के पास, मथुरा रोड पर हतीसा के निकट, हतीसा से सात बरामई तक सड़क के किनारे झाड़ियां हैं। मेंडू रोड पर परिवहन विभाग की पुलिया से मेंडू रेलवे फाटक तक झाड़ियां और पेड़ों की डालें सड़क की ओर झुक रही हैं।

विज्ञापन

सड़कों न रिफलेक्टर और न सफेद पट्टियां

सड़क सुरक्षा के मानकों में हाथरस जिला शून्य साबित हो रहा है। न रेडियम रिफ्लेक्टर हैं और न ही चेतावनी बोर्ड, जिससे मोड़ और गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल है। अधिकांश सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं है। कोतवाली ओवरब्रिज से बंबा तक के मार्ग पर न तो सड़क के बीच में सफेद पट्टी है और न ही किनारों पर। कोहरे में चालक को पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां खत्म हो रही है।

बिना बाउंड्री की पुलिया खतरे का सबब
जिले के कई मार्गों पर सफर सुरक्षित नहीं है। कलवारी बंबा, नहरोई बंबा और ककोड़ी गंदा नाला जैसी जगहों पर बनी पुलिया जर्जर हैं। इन अलावा देहात के विभिन्न स्थानों पर पुलिया खुली पड़ी हैं। इन पर सुरक्षा दीवार और रेलिंग तक नहीं हैं। घने कोहरे में अगर जरा सी भी भूल हुई, तो वाहन सीधे गहरे पानी या नाले में समा सकता है। पूर्व में हुए हादसों से भी विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है।

कैस 1 
बीते साल 13 फरवरी की रात को हसायन क्षेत्र स्थित ईशन नदी की पुलिया से कार नदी में गिरने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इस पुलिया के दोनों और दीवार न होने की वजह से कार हादसा हुआ था
कैस 2 
कलवारी बंबा की पुलिया पर रात्रि में कोहरे के चलते हादसे का डर बना रहता है। 15 अक्तूबर की रात को पुलिया पार करते समय बाइक सवार प्रवीण कुमार निवासी चंद्रगढ़ी गिर गए थे। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें