न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सेना भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम प्रभारी अधिकारी (ओसी) कलेक्ट्रेट मनोज कुमार सिंह का ज्ञापन सौंपा। वहीं दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने तहसील सदर में एसडीएम सदर राजकुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसे लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
रालोद जिलाध्यक्ष केशवदेव चौधरी के नेतृत्व में ओसी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि अग्निपथ योजना में युवाओं का जीवन विचित्र एवं आश्चर्यजनक बनने के साथ अनेक प्रकार से कुंठाग्रस्त हो जाएगा। योजना से देश को सशक्त सेना मिलना संभव नहीं होगा, क्योंकि नौजवानों के हृदय में केवल चार साल का ही सेवाकाल कुंठा के रूप में रहेगा। सेना में विगत तीन वर्ष से भर्ती नहीं हुई है। अग्निपथ योजना से सेवानिवृत्त होने के पश्चात जवानों को न तो पेंशन मिलेगी और न ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। सेवानिवृत्त होने के पश्चात भी वे स्वयं को भूतपूर्व सैनिक भी नहीं लिख सकेंगे। उन्हें केवल अग्निवीर कहा जाएगा। चार वर्ष का सेवाकाल छह महीने के प्रशिक्षण में ही निकल जाएगा।
रालोद की मांग है कि हमारी सेना के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए देश की सीमाओं से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। संविदा जैसी प्रक्रिया का प्रयोग सेना में न किया जाए। इस अव्यवहारिक अग्निपथ योजना को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को निर्देशित किया जाए। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य शशि चौधरी, विजेंद्र चौधरी, राम सहाय चौधरी, महीपाल सिंह, रनवीर सिंह, ओम प्रकाश, कुलदीप चौधरी, देवेंद्र सिंह, महावीर सिंह , सचिन पचहरा, धर्मवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, श्याम वीर सिंह, राहुल चौधरी आदि मौजूद थे।
इस क्रम में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने अग्नि पथ योजना को लेकर विरोध जताया। आप के पदाधिकारियों ने तहसील सदर में एसडीएम को पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिलाध्यक्ष सुरेश बघेल ने कहा कि भारतीय सेना में चार साल के लिए सैनिकों की भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना से देश की जनता आक्रोश में है। मात्र चार वर्षों के लिए सैनिकों की भर्ती की प्रक्रिया वास्तव में एक सिक्योरिटी गार्ड प्रशिक्षण केंद्र बन रह जाएगी। फिर बेरोजगारी की मार से आत्महत्या करने को मजबूर होगा।
सेना भर्ती की तैयारी के लिए बहुत से सैनिक चार साल तक तैयारी करने में लगा देते हैं। ऐसे में सिर्फ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश की सेना के साथ खिलवाड़ करना पूरी तरह से देश के खिलाफ कार्य करना है। सरकार का यह तर्क भारतीय सेना और सेनिकों दोनों के साथ विश्वासघात करता है। भारतीय सेना अपने जांबाज सिपाहियों के लिए देश की सेवा और मातृभूमि की सुरक्षा करने का एक सशक्त माध्यम है। इस मौके पर रहमत अली, केदार वर्मा, नीरज कुमार आदि मौजूद थे। संवाद