न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एचपी सिंह कृषि इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होगी। उन पर फर्जी अनुमोदन से तीन शिक्षक और एक लिपिक की नियुक्ति करने का आरोप है। बीएसए ने इस मामले में प्रबंधक को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में डीडीओ ने बीएसए को जांच के निर्देश दिए थे।
बीएसए ने तीन शिक्षक व एक लिपिक की नियुक्ति की जांच की थी। बीएसए ने अपनी जांच रिपोर्ट में साफ लिखा है कि शिक्षक और लिपिक का प्रथमदृष्टया कोई दोष नहीं लगता है। जिस वक्त नियुक्तियां हुई थीं, उस समय प्रधानाचार्य गंगा प्रसाद गौतम थे, इसलिए नियुक्तियों की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य और प्रबंधक दोनों की थी। बीएसए ने पत्र में कहा है कि नियुक्ति प्रक्रिया पर प्रश्न चिन्ह लगे हैं, लेकिन शिक्षक कर्मचारियों की योग्यता पर कोई प्रश्न चिह्न नहीं है, इसलिए उन्हें इसके लिए दोषी नहीं माना जा सकता है।
तत्कालीन प्रबंधक की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए अब पूर्व प्रधानाचार्य ही दोषी हैं। जांच में साफ है कि पूर्व प्रधानाचार्य ने ही 22 फरवरी 1995 में खुद ही कूटरचित अनुमोदन पत्र तैयार किया है। वेतन भुगतान पूर्व प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से हुआ है, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना आवश्यक है। बीएसए ने प्रबंधक को निर्देश दिए हैं कि वह संबंधित थाने में पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। बीएसए ने अपनी जांच की प्रति एसपी, जिला विकास अधिकारी को भी भेजी है।
नियुक्ति से संबंधित एक जांच थी। उसमें पूर्व प्रधानाचार्य को दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के लिए प्रबंधक को निर्देशित किया गया है।
-मनोज कुमार मिश्र, बीएसए