न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विभिन्न क्षेत्रों में भूगर्भ जल दोहन करने वाले व्यक्तियों, औद्योगिक क्षेत्र, वाणिज्यिक एवं सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ताओं को सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्र ने निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में भूगर्भ जल के प्रयोग से पहले रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया गया है।
सीडीओ ने कहा कि भूजल की आपूर्ति समान रूप से निरंतर करने को लेकर उप्र भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम -2019 लागू किया गया है। इसके प्रावधानों के समुचित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए नियमावली-2020 भी जारी की जा चुकी है। भूगर्भ जल के अंतर्गत विविध प्रावधानों यथा वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ताओं के पंजीकरण, रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र निर्गमन के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है।
भूजल उपभोक्ता को वेब पोर्टल पर अपने-अपने नलकूप का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य हो गया है। वाणिज्यिक, औद्योगिक और सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ताओं के लिए शासन द्वारा रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित किया गया है। उपभोक्ताओं को अपनी प्रत्येक बोरिंग पर डिजिटल फ्लोमीटर लगाना होगा जिससे उनके द्वारा भूजल दोहन की मात्रा एवं शुल्क का आगणन किया जा सके। विकास खंड हाथरस, विकास खंड मुरसान, सहपऊ, सासनी को अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। वहीं विकास खंड सादाबाद, हसायन, सिकंदराराऊ को अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। संवाद