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हाथरस : सादाबाद से रामवीर, सिकंदराराऊ से वीरेंद्र और हाथरस से अंजुला भाजपा प्रत्याशी

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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काफी कश्मकश के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने हाथरस जिले की तीनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए और सभी चर्चाओँ को विराम दे दिया। हाथस सदर सीट से आगरा की पूर्व मेयर अंजुला माहौर प्रत्याशी होंगी। सादाबाद से पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को भाजपा का प्रत्याशी बनाया गया है, जबकि सिकंदराराऊ सीट से फिर वीरेंद्र सिंह राना पर पार्टी नेे भरोसा जताया है। उम्मीदवारों की घोषणा से महीनों से इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों से टिकट पाने के लिए कसरत कर रहे दूसरे दावेदारों में मायूसी छा गई है।
तमाम अटकलों के बीच भाजपा ने जिले की तीनों विधानसभा सीटोें से प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने सादाबाद सीट से पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को प्रत्याशी घोषित किया है। पूर्व मंत्री इसी सीट से पिछली बार सादाबाद से बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। पिछले दिनों उन्होंने अपने आगरा स्थित निवास पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। अब वह सादाबाद से पार्टी के प्रत्याशी होंगे। सिकंदाराऊ सीट पर पार्टी ने वर्तमान विधायक वीरेंद्र सिंह राना को फिर उम्मीदवार बनाया है।
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राना पिछली बार भी भाजपा से ही यह सीट जीते थे। वहीं सदर सीट पर पार्टी ने अपना प्रत्याशी बदल दिया है। पार्टी ने इस बार विधायक हरीशंकर माहौर का टिकट काटकर उनके स्थान पर अंजुला माहौर को टिकट दिया है। अंजुला माहौर आगरा की पूर्व मेयर हैं और जिले में भाजपा की प्रभारी भी रही हैं। पार्टी हाईकमान द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद से अन्य दावेदार सन्न रह गए हैं। उनकी महीनों की मेहनत भी उन्हें टिकट नहीं दिला सकी और उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। संवाद
--यह हैं भाजपा प्रत्याशी--
सादाबाद विस सीट
रामवीर उपाध्याय-- 65 वर्षीय सादाबाद सीट से वर्तमान में विधायक हैं। वह 1993 से राजनीति में सक्रिय है। तब वह भाजपा से वह टिकट के दावेदार थे। टिकट न मिलने पर पहला चुनाव उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। तब तीसरे स्थान पर आए थे। उसके बाद वर्ष 1996 से लगातार पांच बार विधायक चुने जाते रहे हैं। बसपा की सरकार में तीन बार ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं। शिक्षा से वह विधि स्नातक हैं। पिछले दिनों भाजपा में शामिल हुए।
सिकंदराराऊ विस सीट
वीरेंद्र सिंह राना वर्तमान में सिकंदराराऊ सीट से भाजपा से विधायक हैं। वर्ष 2017 में पार्टी ने उन्हें पहली बार उम्मीदवार बनाया था और पहली बार में ही वह चुनाव जीत गए थे। 64 वर्षीय राना लंबे समय से भाजपा में सक्रिय हैं। वह भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। संघ से भी वह जुड़े रहे हैं।
हाथरस सदर विस सीट
52 वर्षीय अंजुला माहौर वर्ष 2006 में आगरा की निर्वाचित हुईं। वह लंबे समय तक भाजपा से जुड़ रहीं। हालांकि बीच में वह सपा में भी शामिल हो गईं थीं। बाद में फिर भाजपा में उनकी वापसी हुई। भाजपा में हाथरस की जिला प्रभारी भी रही हैं। अब पार्टी ने उन्हें हाथरस सदर सीट से टिकट दिया है। वह शिक्षा से विधि स्नातक हैं।
हमारा पूरा परिवार भाजपा का बेहद आभारी है कि उन्होंने रामवीर उपाध्याय को प्रत्याशी बनाया। सर्वसमाज के लोग उपाध्याय परिवार के साथ हैं। लोग चाहते थे कि रामवीर चुनाव लड़ें तो रामवीर फिर चुनाव लड़कर जीतेंगे। उनके स्वास्थ्य में पहले से सुधार है। सर्दी कम होते ही वह चुनाव प्रचार भी करेंगे।
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-विनोद उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व रामवीर उपाध्याय के भाई
संगठन ने फिर से मुझ पर विश्वास किया है। इसके लिए मैं संगठन का आभारी हूं। जो लोग मेरा विरोध कर रहे हैं। वह अब शांत हो जाएंगे। मेरे मुख्यमंत्री ने मुझ पर विश्वास किया है। उनका व पूरे संगठन का मैं आभार व्यक्त करता हूं।
वीरेंद्र सिंह राना
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