संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शहर और देहात में कई स्थानों पर अधिकारियों ने निजी आयुर्वेद एवं यूनानी क्लीनिक, औषधालयों, नर्सिंग होम का मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। कई चिकित्सक अपने क्लीनिक बंद कर गायब हो गए। कई चिकित्सकों के यहां व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं।
एसडीएम हाथरस राजकुमार सिंह यादव ने गुप्ता क्लीनिक जलेसर रोड, मिश्रा क्लीनिक टावाजा नगला, भूषण क्लीनिक, केजीएन आरोग्य चिकित्सालय सुभाष गली व हनुमान गली स्थित डॉ. सुमतचंद्र जैन का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सभी के पंजीकरण सही पाए गए और क्लीनिक पर नियुक्त कर्मचारी का फार्मेसी डिप्लोमा सही पाया गया।
जांच में पाया गया कि दवाएं मेडिकल स्टोर से दी जाती हैं, जोकि क्लीनिक में स्थित है। उन्होंने बताया कि क्लीनिक पर लोकल एवं एक्सपायरी दवाएं नहीं दी जाती हैं और न ही एलोपैथी चिकित्सक के प्रेक्टिस करने का कोई तथ्य प्रकाश में आया है और न ही सर्जरी की जाती है। उन्होंने दवाई खरीद से संबंधित स्टॉक रजिस्टर की जांच की।
जांच में पाया गया कि स्टॉक रजिस्टर मेंटेंन नहीं किया जा रहा है। उपचार कराने वाले मरीजों का रजिस्टर नहीं बनाया गया है। डायरी में व्यवस्थित किया जा रहा है। इधर, तहसीलदार हाथरस आशुतोष कुमार सिंह ने सौरभ क्लीनिक, मालती देवी क्लीनिक कैलोरा पैठ चौराहा, राम क्लीनिक कैलोरा चौराहा, महों क्लीनिक और जेडी क्लीनिक लाड़पुर रोड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान राम क्लीनिक बंद पाया गया। शेष क्लनिकों के पंजीकरण सही पाए गए और क्लीनिक पर नियुक्त कर्मचारी का फार्मेसी डिप्लोमा सही पाया गया। क्लीनिक पर फार्मेसी स्टाफ की नियुक्ति नहीं थी। दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर से दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि क्लीनिक पर लोकल एवं एक्सपायरी दवाएं नहीं दी जाती हैं और न ही एलोपैथी चिकित्सक के प्रेक्टिस करने का कोई तथ्य प्रकाश में आया है और न ही सर्जरी की जाती है।