न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में 104 स्कूली अनफिट वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ये वाहन बच्चों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। इसका खुलासा जिले में अधिकारियों द्वारा कराई गई वाहनों की जांच में हुआ है। अब इन वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। इनके अलावा भी अन्य कई स्कूली वाहन भी मानक की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 361 स्कूली वाहन संचालित हो रहे हैं। 22 अप्रैल से 25 अप्रैल तक स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में 257 वाहन मानक के अनुरूप फिट पाए गए। 104 वाहन अनफिट मिले। इन वाहन स्वामियों को नोटिस दिया गया है।
आग का गोला बन सकती हैं गैस किट लगीं मारुति वैन
हाथरस। जिले में स्कूलों में जो मारुति वैन बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में लगी हैं, उनमें अधिकांश के संचालन में एलपीजी गैस का प्रयोग किया जा रहा है। इन वैन में बच्चों को भूसे की तरह भरकर ले जाया जाता है। गर्मी के मौसम में जरा सी चिंगारी से यह वैन आग का गोला बन सकती हैं। इन पर भी विभागीय अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है। संवाद
पैसे के लोभ में बच्चों की सुरक्षा भूले
हाथरस। स्कूलों में संचालित बस व अन्य वाहनों की पड़ताल के दौरान यह भी पता चला कि बच्चों के बैठने की स्थिति क्या है। सुबह और दोपहर में वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर ले जाया जा रहा है। इस कारण बच्चे भी मुश्किलों से जूझ रहे हैं। वाहन स्वामियों द्वारा अभिभावकों से मानमाने दाम भी वसूल रहे हैं। यह भी सुरक्षा में खिलवाड़ का एक पहलू है।
गैर पंजीकृत ई-रिक्शे भी दौड़ रहे बच्चों को लेकर
शहर में करीब एक हजार ई-रिक्शा हैं। इनमें चंद ई रिक्शा ही नगर पालिका व एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। ये ई रिक्शा शहर की सड़कों धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। सुबह व दोपहर में बच्चो को स्कूल से घर भी पहुंचा रहे हैं। आए-दिन ई रिक्शा जगह-जगह पलट भी जाते हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में रहती है। इससे अधिकारी बेसुध बने हुए हैं।