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हाथरस : टिकट के लिए बाहरी का नाम आते ही विरोध शुरू

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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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जैसे-जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है, राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होती जा रही हैं। टिकट कटने की चर्चाओं के बीच एक सत्ताधारी दल के विधायक लखनऊ में डेरा जमाए हुए हैं। वह इस कोशिश में हैं कि किसी भी तरह से उन्हें फिर टिकट मिल जाए। वहीं कुछ बाहरी दावेदार भी यहां से टिकट पाने की जुगत में हैं। इनके खिलाफ स्थानीय भाजपाइयों व अन्य लोगों ने अभी से मोर्चा खोल दिया है।
चुनाव में टिकट पाने के लिए दावेदार पूरा जोर लगा रहे हैं। सबसे ज्यादा दावेदार भाजपा में हैं और पार्टी ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। साथ ही यह चर्चा भी जोरों पर है कि सदर विधायक हरीशंकर माहौर का टिकट इस बार कटेगा और पार्टी किसी दूसरे चेहरे को चुनाव मैदान में उतारेगी।
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इसकी पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी है और सदर विधायक की पुत्रवधू पार्टी के समर्थन से सासनी की ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हो चुकी हैं। फिर भी इन चर्चाओं के बीच सदर विधायक लखनऊ पहुंच गए हैं और टिकट न कटे, इसके लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं। वहीं उनके स्थान पर कई और दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं।
इसमें आगरा की पूर्व जनप्रतिनिधि सहित कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जो इस जिले के निवासी नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय भाजपाइयों ने इसका अभी से विरोध करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर पोस्ट डाली जा रही हैं। इसमें कहा जा रहा है कि यहां के सांसद पहले ही अलीगढ़ के हैं।
यदि विधायक का प्रत्याशी आगरा का हो जाएगा तो आखिर फिर जनता की कौन सुनेगा? हालांकि अभी टिकट के दावेदारों में कई लोगों के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इसमें एक पूर्व सांसद की पत्नी, पूर्व विधायक के पुत्र सहित कई लोग शामिल हैं। बहरहाल, सभी की टकटकी इस पर लगी है कि अब भाजपा तीनों सीटों में से किसे मैदान में उतारेगी।
रामवीर के भाजपा में आने का मुकुल ने किया स्वागत, खुद को बताया लक्ष्मण जैसा भाई
हाल में ही पूर्व मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने भाजपा की सदस्यता ली है। उनके भाजपा में आने पर उनके छोटे भाई मुकुल उपाध्याय ने उनका स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने इस बारे में लिखा है कि वह भाजपा नेतृत्व के आभारी हैं कि जिसने उनके बड़े भाई को भगवा आंचल दिया।
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उन्होंने लिखा है कि वह अपने बड़े भाई की विजय पताका फहराने में पूरा सहयोग करेंगे और लक्ष्मण की तरह अपने भाई की शान पर कोई आंच नहीं आने देंगे। यहां यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि पिछले साल हुए पंचायत चुनाव में दोनो भाइयों में काफी मतभेद थे और इसी के चलते एक वार्ड से रामवीर की पत्नी सीमा उपाध्याय के खिलाफ मुकुल उपाध्याय की पत्नी रितु उपाध्याय चुनाव लड़ी थी। हालांकि इसमें जीत सीमा की हुई थी।
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