न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एआरटीओ कार्यालय में 26 मई से लर्निंग और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस दौरान सिर्फ उन्हीं आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का मौका मिलेगा, जिन्होंने लॉकडाउन से पूर्व 22 मार्च से पहले टाइम स्लॉट लिया था। खास बात यह है कि कि पूर्व में आवेदकों द्वारा लिए गए टाइम स्लॉट को पुन: निर्धारित किया जाएगा। आवेदकों का टाइम स्लॉट पुन: निर्धारित होने के बाद उनके मोबाइल पर एसएमएस पहुंचेगा।
नई तारीख तय होते ही उन्हें एआरटीओ कार्यालय बुलाया जाएगा और लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 24 मार्च को लॉकडाउन से पहले काफी लोगों ने लाइसेंस प्रक्रिया के लिए टाइम का स्लॉट ले लिया। लॉकडाउन के चलते लाइसेंस की प्रक्रिया नहीं हो सकी। अब उन्हीं लोगों को नया स्लॉट देकर एआरटीओ कार्यालय में लाइसेंस के लिए बुलाया जाएगा। जब इन आवेदकों की गिनती खत्म हो जाएगी, तब नई आवेदकों के बारे में संभागीय परिवहन विभाग विचार करेगा।
खास बात यह है कि सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए हर दिन तीन पालियो में आवेदकों को बुलाया जाएगा, जिसमें प्रथम पाली सुबह दस से 12 बजे तक साढे़ 12 बजे से 2:30 बजे तक तीसरी पाली तीन से पांच बजे के बीच होगी। साथ ही 33 फीसदी आवेदकों को ही एक दिन में बुलाया जाएगा, ताकि सामाजिक दूरी का पालन हो सके। एआरटीओ नीतू सिंह का कहना है कि तीन पाली में लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया होगी, जिसमें पूर्व में आवेदकों ने जो स्लॉट लिए हैं। लाइसेंस के लिए उन्हीं आवेदकों को बुलाया जाएगा। स्लॉट बदलने की एसएमएस के जरिये उनके मोबाइल फोन पर सूचना भेजी जाएगी। उसी तिथि में बुलाया जाएगा। उसी तिथि आवेदक को कार्यालय में उपस्थित होना होगा।