न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोविड-19 यानि कोरोना वायरस को हराना है तो अपने मन को समझाना होगा न कि घबराना होगा । संक्रमण को दूर भगाने का एक ही मूलमंत्र है। जरूरी सावधानी बरतना । इसके बावजूद यदि कोई संक्रमण का शिकार हो जाता है तो वह कोई आत्मग्लानि न पाले। क्योंकि कोरोना पर विजय पाने वालों की दर बहुत अधिक है । इतना जरूर है कि घर-परिवार और आस पड़ोस से इस दौरान नजदीक से मिल नहीं सकते पर फोन और संदेशों के जरिये उनसे मिलने वाला प्यार व स्नेह संक्रमित के जल्दी स्वस्थ होने में एक तरह के टॉनिक का काम करता है।
सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी इस बारे में लगातार विभिन्न माध्यमों के जरिये लोगों को जागरूक किया जा रहा है । यही नहीं किसी को फोन मिलाने पर भी सबसे पहले यही संदेश सुनाई देता है। हमें बीमारी से लड़ना है न की बीमार से। कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए पूरे समाज को कुछ जरूरी बिन्दुओं पर अपनी सोच और व्यवहार में बदलाव लाना बहुत ही जरूरी है।
कुछ जरूरी बातें: इलाज के प्रति समर्पित चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के साथ किसी भी तरह का बुरा बर्ताव न करें, मरीजों के प्रति कोई भेदभाव न करें, चुप्पी तोड़कर सेवा में लगे लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करें और मरीजों की हौसला अफजाई करें, मरीज के उपचार में किसी तरह की न करें, इन्हीं बिुंदुओं के पालन से हम शीघ्रता के साथ कोरोना को हरा सकेंगे ।
कोरोना से भयभीत होने की नहीं बल्कि सतर्क होने की आवश्यकता है, ताकि इसका संक्रमण किसी के भी द्वारा कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग जैसे बच्चे, बुजुर्ग व किसी भी बीमारी से जूझ रहे बीमारों तक न पहुंच पाए।
सुचिका सहाय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी।