न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में पंचायत सहायकों की नियुक्ति होने के बाद भी अभी तक पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। हैरानी की बात यह है कि शासन के निर्देश के बावजूद पंचायत भवनों को मिनी सचिवालय के रूप में परिवर्तित नहीं किया गया है। यहां तक कि 184 नये पंचायत घरों के सापेक्ष 98 पंचायत घर ही पूर्ण हो सके हैं। इनमें भी अभी तक शासन की मंशा के अनुरूप सामान की खरीद कर संचालन नहीं कराया गया है।
शासन ने ग्रामीणों को अपने ही गांव में सभी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पंचायत घरों के निर्माण के साथ ही मिनी पंचायत सचिवालय के रुप में विकसित किए जाने के निर्देश जारी किए थे। इस क्रम में जिले में 463 ग्राम पंचायतों में से 184 ग्राम पंचायतों में नये पंचायत भवनों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया। जिले में विगत में 279 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बने हुए थे।
इनमें से क्षतिग्रस्त पंचायत घरों दुरुस्तीकरण किए जाने के निर्देश जारी किए गए थे। शासन के तमाम आदेशों के बावजूद अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष 98 पंचायत भवन ही पूर्ण हो सके हैं, लेकिन इनमें अभी पंचायत सचिवालय का संचालन नहीं हो सका है। इस कारण ग्रामीण शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं, जबकि शासन के निर्देश पर जिले की 463 ग्राम पंचायतों में से 427 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की जा चुकी है।
इस समय यह ग्राम पंचायत सहायक अपने बैठने के लिए जगह तलाश रहे हैं। वहीं 55 ग्राम पंचायतों में तो पंचायत भवन का निर्माण ही अधूरा है। वहीं सात ग्राम पंचायतों में तो अभी तक पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि ही नहीं मिल पाई है। जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) जीडी जैन ने बताया कि जल्द से जल्द पंचायत घरों का निर्माण कार्य पूर्ण करा दिया जाएगा। संवाद