न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कार्यकाल समाप्ति से पहले महज पांच दिन में ग्राम प्रधानों व सचिवों ने लाखों रुपये का भुगतान कर दिया। उप निदेशक पंचायतराज की समीक्षा में राज्य वित्त आयोग व 15 वां वित्त आयोग की धनराशि का बड़े पैमाने पर भुगतान करने का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद डीडी पंचायतराज के निर्देश पर सीडीओ आरबी भास्कर ने चार ब्लॉकों की 20 ग्राम पंचायतों में हुई धनराशि की निकासी का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए ब्लॉकवार टीमों का गठन भी कर दिया गया है।
राज्य वित्त आयोग और 15 वें वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए गए हैं। ग्राम प्रधान पद के कार्यकाल के अंतिम दिवसों में ग्राम पंचायतों में तेजी से धनराशि की निकासी की गई। डीडी पंचायतराज के स्तर से की गई समीक्षा में पता चला है कि पांच दिनों के अंदर जिले की 20 ग्राम पंचायतों ने 10 लाख रुपये से लेकर 45 लाख रुपये तक फाइनल भुगतान किया है।
इसे लेकर ग्राम पंचायतों के अभिलेखों की जांच एवं भौतिक सत्यापन किए जाने के निर्देश जारी किए गए। इस क्रम में सीडीओ आरबी भास्कर ने ब्लॉक सिकंदराराऊ व सहपऊ की ग्राम पंचायत बुढ़ाइच, अगसौली, महामई, टीकरी कलां, कचौरा, नावली लालपुर, नौरथा ईशेपुर, ब्लॉक हाथरस व सादावाद की ग्राम पंचायत लाड़पुर, लाखनू, जारऊ और बिसावर, ब्लॉक हसायन की ग्राम पंचायत नारई, बसई बावस, फुलरई मुगलगढ़ी, नगरिया पट्टी देवरी, धुबई, अमृतपुर-असदपुर, ब्लॉक सासनी की ग्राम पंचायत बिजाहरी, लुटसान, नगला फतेला के अभिलेखों की जांच व भौतिक सत्यापन करने के निर्देश जारी किए हैं।
ब्लॉक सहपऊ और सिकंदराराऊ की जांच के लिए एडीओ पंचायत फौरन सिंह व सहायक अभियंता भगवती प्रसाद, ब्लॉक सादाबाद एवं हाथरस की जांच के लिए एडीओ पंचायत राजीव कुमार एवं सहायक अभियंता अशोक कुमार , ब्लॉक हसायन की जांच के लिए एडीओ पंचायत फूल सिंह व सहायक अभियंता हरीमोहन, ब्लॉक सासनी की जांच के लिए एडीओ पंचायत उदय प्रताप सिंह व सहायक अभियंता निर्दोष कुमार को नामित किया है। सीडीओ ने निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह में जांच कर जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे।