न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विधानसभा चुनाव से पहले साल में इस साल घोषणाएं ज्यादा हुईं और काम कम हुआ। शहर में लोगों को तालाब चौराहे पर ओवरब्रिज की सौगात इस साल जरूर मिली। इस वर्ष भी कोरोना महामारी ने जिले के विकास की रफ्तार को धीमा रखा। मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास इस साल भी नहीं हो सका। इस साल में जिला कारागार व जिला न्यायालय के नए भवन निर्माण के कार्य ने भी कोई गति नहीं पकड़ी।
वर्ष 2021 में भी जिले में विकास की रफ्तार काफी धीमी रही। तीन साल पहले सरकार ने यहां मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन इसका शिलान्यास इस साल भी नहीं हो सका। इसी तरह जिला कारागार के लिए भूमि पिछले साल ही अधिग्रहीत कर ली गई थी, लेकिन इसके निर्माण में कोई प्रगति नहीं हुई। जिला न्यायालय का भवन इस साल भी नहीं बना। केंद्रीय विद्यालय के नए भवन के निर्माण में भी रोड़े अटके रहे। शहर में कई सड़कों के गड्ढे इस साल भी नहीं भरे गए। हाथरस-जलेसर रोड की हालत सबसे ज्यादा खस्ता रही। कई सड़कों का शिलान्यास तो कर दिया गया, लेकिन निर्माण के नाम पर वहां साल के अंत तक कुछ नहीं हुआ। देहात में कोई उल्लेखनीय कार्य इस साल नहीं हुआ। संवाद
पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय हुए तैयार
हाथरस। वर्ष 2021 में पंचायतराज विभाग सबसे ज्यादा व्यस्त विभाग रहा। पंचायत निर्वाचन से फ्री होने के बाद शासन की ओर से पंचायत भवनों को तैयार करने व सामुदायिक शौचालयों को बनाकर संचालन कराने में जुटा रहा। हालांकि साल के अंत तक पंचायत भवनों को सुचारु रूप से शुरू नहीं कर सका। पंचायत सहायकों की भर्ती जरूर हुई, लेकिन ग्रामीणों को इस भर्ती से कोई फायदा मुहैया इस वर्ष में नहीं हो सका।
जिला स्तर के कई कार्यालय नहीं खुले
हाथरस को जिले का दर्जा मिलने के बाद भी अभी तक जिले में नेडा का कार्यालय नहीं खुल सका है। इस कारण विभाग से जुड़ी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी नहीं हो पाती है। संवाद
शहर में शामिल हुए नए इलाकों के लिए बजट का टोटा
हाथरस। शासन स्तर से नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार वर्ष 2020 में किया गया था जिले की 12 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था। इन इलाकों के विकास के लिए नगर पालिका को फंड ही नहीं भेजा गया। ऐसे में यहां भी विकास कार्य रुके रहे। संवाद
लटके रहे सौंदर्यीकरण और विकास के काम
हाथरस। शहर में भी कई अहम काम लटके रहे। शहर में घंटाघर के सौंदर्यीकरण का काम इस साल भी पूरा नहीं हो रहा। कई के कई पार्कों के सौंदर्यीकरण काम भी पूरा नहीं हुआ। आगरा रोड स्थित भगत सिंह पार्क सहित शहर के कई चौराहों व आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर तिराहों पर सौंदर्यीकरण का काम इस साल भी लटका रहा। इसी तरह से शहर के प्राचीन तालाब का सौंदर्यीकरण भी पूरा नहीं हुआ। संवाद