न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
स्थानीय न्यायालय ने एक मामले में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके निजी सचिव रानू पंडित के खिलाफ अब धारा 82 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। पूर्व मंत्री व उनके निजी सचिव पर एक पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य को जातिसूचक गालियां देने, अपहरण का प्रयास करने का आरोप है। मामला न्यायालय में चल रहा है।
वीरेंद्र कुमार निवासी गंभीर पट्टी बिसाना थाना चंदपा ने आरोप लगाया था एक सितंबर 2019 को रामवीर उपाध्याय, उनके निजी सचिव रानू पंडित व छह-सात अन्य लोगों ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से उसका अपहरण करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के चलते यह लोग सफल नहीं हो सके। वीरेंद्र का कहना था कि वह तभी से अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही। वीरेंद्र कुमार क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहा है। उसने यह प्रार्थना पत्र अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चतुर्थ के न्यायालय में दिया था। कोर्ट ने रामवीर उपाध्याय व उनके पीए रानू पंडित को धारा 365 व 3(1) (ध) एससी-एसटी एक्ट में जरिए सम्मन तलब किया था। उसके बाद कोर्ट ने जमानती वारंट भी जारी किए थे।
स्थानीय न्यायालय के तलबी आदेश के विरुद्ध रामवीर उपाध्याय व उनके सचिव की ओर से उच्च न्यायालय इलाहाबाद में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इस पर पांच जनवरी को हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कार्यवाही स्थगित कर दी थी। तदुपरांत हाईकोर्ट ने इस स्थगनादेश को समाप्त कर दिया था। जब स्थानीय कोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए थे। अब कोर्ट ने रामवीर व उनके सचिव रानू पंडित के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने के साथ-साथ धारा 82 के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इसके लिए एसपी हाथरस को पत्र जारी करने को कहा है। संवाद