न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इस वर्ष शादियों के केवल पांच ही मुहूर्त हैं। नवंबर में दो और दिसंबर में तीन तिथियां शादियों के लिए शुभ हैं। इसके बाद अप्रैल के अंत में ही शादियों का शुभ संयोग बनेगा। शुक्र और बृहस्पति के अस्त होने के कारण ऐसे संयोग बन रहे हैं। हालांकि सहालगों के लिए बाजार भी पूरी तरह से तैयार हैं। सहालगों की शुरुआत के साथ ही दुकानदारों को बाजार में बहार आने की उम्मीद है।
आचार्य बल्लभ जी महाराज ने बताया कि इस विवाह के शुभ मुहूर्त का अभाव है। वर्तमान वर्ष में करीब 85 दिन शेष हैं और विवाह के मात्र पांच मुहूर्त हैं। 25 व 30 नवंबर, सात, नौ और 11 दिसंबर सहित कुल पांच मुहूर्त हैं। इसके बाद विवाह के लिए 21 अप्रैल तक इंतजार करना होगा। 25 नवंबर को देव शयनकाल, आश्विन अधिकमास, धनु संक्रांति आदि हैं।
देवोत्थान एकादशी का मुहूर्त है। इसमें विवाह कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्र और बृहस्पति के अस्त होने के कारण ऐसे संयोग बनते हैं। इधर, सहालगों को भुनाने के लिए कपड़े, आभूषण और वाहन के कारोबारियों ने पूरी तैयारी कर रही है। त्योहार से लेकर सहालगों तक कारोबारियों को कारोबार की हालत सुधरने की उम्मीद है। ग्राहकों को रिझाने के लिए वह अपने यहां आकर्षक आयटमों का स्टॉक कर रहे हैं।