न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के बड़े अफसरों की सेवा में लगे पंचायतराज विभाग के करीब 24 सफाई कर्मियों को विधानसभा चुनाव के लिए तीसरे चरण में 20 फरवरी को होने वाले मतदान की ड्यूटी से मुक्त रखा गया है। यह कर्मचारी जिला स्तरीय अफसरों के घर और कार्यालयों पर सेवारत बताए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता में इनकी भर्ती ग्राम पंचायतों में सफाई कार्य के लिए हुई है, लेकिन अफसरों ने इन कर्मियों को ड्यूटी से मुक्त करके इन्हें अपनी सेवा करने का भरपूर इनाम दिया है।
जिले में तीसरे चरण में होने वाले मतदान में दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं व गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर्मियों की ड्यूटी काटने के निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इन निर्देशों की आड़ में से ऐसे कर्मियों को ड्यूटी से मुुक्त किया जा रहा है, जो नियमों को ताक पर रखकर अफसरों की चाकरी में लगे हैं। जिले में पंचायतराज विभाग के करीब दो दर्जन कर्मियों को चुनाव ड्यूटी से इसलिए मुक्त रखा गया है, क्योंकि उन्हें अफसरों के घर और दफ्तरों में ड्यूटी करनी पड़ रही है।
रिकॉर्ड के अनुसार कलेक्ट्रेट में चार सफाई कर्मी, डीएम आवास पर सात सफाई कर्मी, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय में छह सफाई कर्मी, निर्वाचन कार्यालय में दो सफाई कर्मी, परियोजना निदेशक के कार्यालय में सात सफाई कर्मी, जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में एक दर्जन सफाईकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा अन्य कार्यालयों में भी सफाईकर्मी तैनात हैं। यह सफाईकर्मी अफसरों की जी हजूरी कर खुद को चुनाव ड्यूटी से मुक्त कराने में सफल रहे हैं। संवाद
ड्यूटी काटने में चल रही मनमानी
हाथरस। कार्मिकों की ड्यूटी लगाने व हटाने में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों को लगाया गया है। इसी वजह से सबसे ज्यादा ड्यूटी बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मियों की हटाई गई हैं। कार्मिक ड्यूटी के काम में लगे कुछ कार्मिक मनमाने तरीके से ड्यूटी काटने का काम कर रहे हैं। इसे लेकर कुछ कर्मियों की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। संवाद