हाथरस : जालिम सिंह एडवोकेट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, फिरोजाबाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
फिरोजाबाद के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जालिम सिंह एडवोकेट वर्तमान में चल रहे दलबदल को एक काला अध्याय मानते हैं। उनका कहना है कि जो व्यक्ति दल बदल करके आया है। जब एक दल का सगा नहीं हुआ तो फिर दूसरे दल का क्या सगा होगा। यह समाज के साथ भी धोखा है। यह प्रवृत्ति इसलिए बढ़ रही है, क्योंकि हम इसे बर्दाश्त कर लेते हैं। दल बदलकर आने वालों को समाज सहन न करे।
बसपा से अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने जालिम सिंह कहते हैं कि आज सभी राजनीतिक दलों के मानक बदल गए हैं। सभी राजनीतिक दल ऐसे प्रत्याशी को जिताऊ मानते हैं, जिस पर ज्यादा धनबल और बाहुबल हो। राजनीतिक दलोें के लिए अब योग्यता और शिक्षा का भी कोई महत्व नहीं रह गया है। उनका कहना है कि पहले की और अब की राजनीति में काफी अंतर है।
पहले बड़ा नेता भी कार्यकर्ता होता था, लेकिन अब तो राजनीति में एंट्री करने के बाद ही हर व्यक्ति बड़ा नेता बनना चाहता है। पहले राजनीति में पैसे का चलन नहीं था। अब तो करोड़ों रुपये फूंके जाते हैं। जालिम सिंह करीब दो दशक से सक्रिय राजनीति से दूर हैं। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि वह फिरोजाबाद के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं। संवाद