न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
गेहूं की सरकारी खरीद में बिचौलिये किसानों के फर्जी नाम से घपला नहीं होगा। इसके लिए इस बार ओटीपी आधारित पंजीकरण होगा। साथ ही किसानों के रजिस्ट्रेशन को राजस्व विभाग के भूलेख पोर्टल पर भी लिंक किया जाएगा। सौ कुंतल से ज्यादा गेहूं बचने वाले किसानों का एसडीएम के माध्यम से सत्यापन होगा। पंजीकरण प्रक्रिया में यदि देरी हुई तो ओटीपी फेल हो जाएगा। दोबारा से वेबसाइट पर पंजीकरण के साथ ओटीपी मांगेगा।
उल्लेखनीय है कि जिले एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। इसके लिए जिले के 54 क्रय केंद्रों की सूची तैयार हो गई है। अब विभागीय अधिकारी क्रय केंद्रों की संख्या को बढ़ाने की कवायद में जुटे हुए हैं। खरीद में फर्जीवाड़ा नहीं हो, इसकी व्यवस्था भी की गई है। किसान अपनी कंप्यूटराज्ड खतौनी के खाता संख्या पंजीयन में दर्ज कुल रकबे और बोए गेहूं के कुछ क्षेत्रफल का ब्योरा दर्ज कराएंगे। किसानों को भुगतान पाने के लिए अपना खाता सीवीएस बैंक में खुलवाना होगा, जिसमें पीएफएमएस की सुविधा उपलब्ध हो।
किसानों को गेहूं बेचने के समय पंजीयन प्रपत्र के साथ कंप्यूटराइज्ड खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की फोटोकॉपी और आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा। इस मामले में डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि इस बार किसानों का ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण होगा। किसान के मोबाइल पर ओटीपी आएगा। यदि ओटीपी को डालने में देरी की तो वह फेल हो जाएगा।