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हाथरस: अब किसानों से सीधे धान खरीदेगी मंडी परिषद

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिले में एक अक्तूबर से होने वाली धान खरीद के लिए जिला खाद्य विपणन विभाग तैयारी में जुटा है। मंडी के निदेशक ने भी पहली बार सरकारी एजेंसी के तौर पर धान खरीद करने का फरमान जारी किया है। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी और उन्हें अनावश्यक झंझटों से राहत मिलेगी। जिले में मोटा धान बहुत कम होने के कारण इसकी खरीद होना भी मुश्किल ही लग रही है।
उल्लेखनीय है कि इस बार सरकार का धान खरीद पर खासा जोर है। धान खरीद के लिए पिछले वर्ष का डाटा शासन स्तर से मांगा जा रहा है। किसानों से ऑनलाइन पंजीकरण कराने की अपील की जा रही है, ताकि यह तय हो सके सरकारी क्रय केंद्रों पर कितना धान आ सकता है। इधर, मंडी से बाहर व्यापार करने वाली जिंसों पर टैक्स को खत्म कर दिया गया है, इसलिए मंडी की आय को बढ़ाने के लिए मंडी प्रशासन को भी सरकारी एजेंसी के तौर पर मंडी में धान खरीद करने का भी निर्देश दिया गया है। धान खरीद के लिए मंडी प्रशासन भी तैयारी में जुट गया है। हालांकि हाथरस मंडी के अधिकारी कह रहे हैं कि प्रदेश के 45 जिलों की मंडियों में धान की खरीद होनी है। इसका अभी लिखित आदेश आना बाकी है। किन मंडियों में धान खरीदा जाएगा, यह आदेश आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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जिले में मोटे धान का नहीं होता उत्पादन
विभिन्न एजेंसियों द्वारा हर वर्ष धान खरीदा जाता है। इस बार भी यह एजेंसियां धान खरीद की दौड़ में शामिल हो गई हैं। जिले में मुख्यत: सुंगधा और पी टेन प्रजाति का ही धान पैदा होता है। मोटे धान का उत्पादन बहुत कम होता है। मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि सरकारी एजेंसी के तौर पर प्रदेश के 45 जिलों की मंडियों में धान की खरीद के बारे में जानकारी मिली है। अभी यह तय नहीं है किन मंडियों में धान की खरीद होगी।
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