न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भाजपा ने जिलोें की तीनों सीटों से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। ऐसे में अब सबकी टकटकी मुख्य रूप से सपा प्रत्याशियों पर है। भाजपा ने जहां दो मौजूदा विधायकों को टिकट देकर तीनों सीटों पर अपनी जीत का समीकरण साधने की कोशिश की है तो सपा अब यह तय करने में लगी है कि उसके खाते में आई दोेनो सीटों से किसे टिकट दिया जाए। इसके लिए दोनों सीटों के जातिगत आंकड़े देखे जा रहे हैं और साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भाजपा और बसपा प्रत्याशियों की बिरादरी भी देखी जा रही है। सूत्रों की मानें तो सपा इस स्थिति में पिछड़ी जाति के किसी व्यक्ति को मैदान में उतार सकती है।
भाजपा ने सादाबाद से पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय, सिकंदराराऊ से वीरेंद्र सिंह राना और हाथरस से अंजुला माहौर को मैदान में उतारा है। अब सबकी नजर मुख्य रूप से सपा प्रत्याशियों पर है। बसपा यहां पहले से ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। बसपा ने सिकंदराराऊ से अवधेश कुमार सिंह, सादाबाद से डॉ. अविन शर्मा, हाथरस से संजीव कुमार काका को मैदान में उतार रखा है।
सपा-रालोद गठबंधन के तहत रालोद ने तो सादाबाद से अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है, लेकिन सिकंदराराऊ और हाथरस सीट सपा के खाते में आई हैं। सपा ने अभी उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। सूत्रों की मानें तो बसपा और भाजपा दोनों ने ठाकुर प्रत्याशियों को सिकंदराराऊ से उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सपा किसी पिछड़ी जाति के व्यक्ति को टिकट दे सकती है। वहीं हाथरस सुरक्षित सीट पर भी कई दावेदार ताल ठोक रहे हैं। अगले एक-दो दिन में सपा भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतार देगी। संवाद