न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सोने के गहने खरीदने पर उसकी गुणवत्ता को लेकर होने वाली आशंका जल्द खत्म हो जाएगी। इसका कारण यह है कि एक जून से सराफा कारोबारी बिना हॉलमार्क के गहने नहीं बेच पाएंगे। पांच हजार से लेकर 25 हजार रुपये में पंजीयन होगा, फिर पंजीयन का नवीनीकरण कराना होगा।
उल्लेखनीय है कि नई व्यवस्था में ग्राहकों के सामने उलझन है कि ब्रांडेड कंपनी के शोरूम से सोने के गहने खरीदें या कारोबारी के यहां से। उन्हें एक समान कीमत चुकानी होगी। हॉल मार्किंग के नए नियमों के अनुसार ग्राहकों को 22 कैरेट सोना बताकर बेचे गए गहने में अगर सोना कम पाया गया तो धोखाधड़ी करने वाले कारोबारियों को जेल भेजा जाएगा।
भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस मामले में सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहनलाल सराफ का कहना है कि सभी को हॉलमार्क का सोना ही बेचना चाहिए। नए नियम के बारे में सुना है। अभी कोई आदेश नहीं आया है। अगर आदेश होगा तो उस पर पूरी तरह अमल किया जाएगा।