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हाथरस: सीएए नहीं, संघ-भाजपा के विरोध का अभियान: डॉ. कृष्णगोपाल

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हाथरस: हसायन के गांव भरतपुर में वार्ता करते आरएसएस के सह सर कार्यवाह कृष्ण गोपाल। - फोटो : SIKANDHRA RAHU
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सर कार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल का कहना है कि देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का विरोध एक साजिश के तहत किया गया है। कई बार यह बात बिल्कुल साफ भी हो चुकी है कि इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं। दशकों से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में जो हिंदू अल्पसंख्यक हैं और अनेक प्रकार की प्रताड़ना के शिकार हो रहे थे, यह कानून उनको नागरिकता देने के लिए है। यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं है।
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डॉ. कृष्णगोपाल अपने पैतृक गांव भरतपुर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। इस दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग प्रकरण पर कहा कि जगाया सोते हुए को जाता है, लेकिन जागे हुए को कौन जगाएगा, वह खुद जाग जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीएए स्वर्गीय अटलबिहारी वाजपेयी के समय में अस्तित्व में आया था। इस कानून को डॉ. मनमोहन सिंह ने दो बार एक-एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया था। अब भाजपा ने उसे कानून ही बना दिया तो विरोध का क्या औचित्य रह जाता है। यह सब वास्तविकता में संघ और भाजपा के विरोध का अभियान है। इसी प्रकार एनपीआर को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। जनगणना हर 10-11 वर्ष होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है। इसको लेकर बिना बात का बतंगड़ बनाने का प्रयास जारी है। इस प्रकार के काम देश के भविष्य के लिए अच्छे नहीं हैं।
कृष्ण गोपाल ने कहा कि जिस समय देश का बंटवारा हुआ था, उस समय महात्मा गांधी ने यही इच्छा जाहिर की थी। देश की जनता अब परिपक्व और समझदार हो गई है। कुछ समय के लिए तो उसे गलत दिशा दी जा सकती है, लेकिन जब उसे सच्चाई समझ में आती है तो अच्छी तरह गलती सुधार लेती है। डॉ. कृष्ण गोपाल मूल रूप से गांव भरतपुर के ही रहने वाले हैं और यहां एक धार्मिक आयोजन में भाग लेने आए थे।
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