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हाथरस: धोखाधड़ी के एक मामले में पालिकाध्यक्ष व उनकी सास के खिलाफ एनबीडब्लू जारी

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धोखाधड़ी के एक मामले में पालिकाध्यक्ष व उनकी सास के खिलाफ एनबीडब्लू जारी
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कई साल पुराने इस मामले में कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे पालिकाध्यक्ष व उनकी सास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जमीन संबंधी धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में कोर्ट में हाजिर न होने पर नगर पालिका अध्यक्ष व उनकी सास के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
गणपति बिल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर ने एक परिवाद स्थानीय न्यायालय में दायर करते हुए कहा था कि हमारी कंपनी द्वारा गढ़ी खंदारी में दो प्लाट चेतन कुमार से खरीद गए थे। दिनांक 13 जून 2013 को सुनीता कालरा व इनके दामाद आशीष कुमार द्वारा षडयंत्र करके हमारे दोनों प्लाटों वाली जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। शिकायतों बावजूद हथियारों के बल पर कब्जा करना शुरू कर दिया गया। एक प्रार्थना पत्र 156(3) में न्यायालय में हमारे खिलाफ सुनीता कालरा ने डाल दिया।
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सुनीता कालरा ने प्रार्थना पत्र में पुरानी खतौनी लगाई थी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश 15 मई 2012 द्वारा सुनीता कालरा के पक्ष में हुए नामांतरण आदेश निरस्त कर दिए गए थे। न्यायालय में गलत तथ्य रखकर पुरानी खतौनी जो आठ साल पुरानी थी, पेश की उसी खतौनी के आधार पर न्यायालय से तथ्यों को छिपाकर आदेश प्राप्त किया। इसके संबंध में उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका भी दायर की थी। आज भी सुनीता कालरा व आशीष कुमार द्वारा धमकी दी जा रही है। इस प्रार्थना पत्र पर सीजेएम न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2017 को धारा 193,196, 420, 120 बी के तहत सम्मन जारी किए थे। यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है। इस मामले में अब नगर पालिका अध्यक्ष आशीष कुमार शर्मा व उनकी सास सुनीता कालरा जब हाजिर नहीं हुए तो सीजेएम न्यायालय ने इन दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।
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यह सब मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला है, तो में इसकी जानकारी करके विधिक कार्रवाई करुंगा। -आशीष शर्मा, पालिकाध्यक्ष
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