न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष रविकांत मिश्र के नेतृत्व में जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की लंबित मांगों और समस्याओं को दूर कराए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ द्वारा आठ जनवरी 2021 को जारी पत्र में परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और अध्यापकों के वार्षिक गोपनीय आख्या के मानक निर्धारित किए गए हैं, जिनका शिक्षकों से सीधा संबंध नहीं होने के बावजूद अंक निर्धारण करना शिक्षकों के शोषण के अलावा कुछ नहीं है। इस पत्र को वापस लिया जाए। जिला महामंत्री डॉ. संजय गौतम ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को भी उत्तराखंड राज्य की भांति राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
विशिष्ट बीटीसी 2004 बैच के शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए दिया जाए। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदों पर पदोन्नति पूर्व में सृजित पदों के आधार पर यथाशीघ्र की जाए। साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों पर भी पदोन्नतियां नियमित रूप से की जाएं। प्रत्येक विद्यालय में एक ही चौकीदार या विद्यालय सेवक या सुरक्षा सेवक की नियुक्ति की जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लाखों शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ-साथ उनके करोड़ों आश्रितों की समस्याओं एवं मांगों पर विचार करते हुए शासनादेश और विभागीय आदेश जारी करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।
इस मौके पर मंडलीय उपाध्यक्ष हरीश शर्मा, जिला महामंत्री डॉ. संजय गौतम, जिला मंत्री डॉ. हेमंत कटारा, जिला उपाध्यक्ष बृजेश शर्मा, राजकुमार, संध्या अग्रवाल, मीनाक्षी सिंह, जिला कोषाध्यक्ष राजपाल सिंह, संजय शर्मा, धर्मेंद्र उपाध्याय, अजय शर्मा, अजीत राना, विमल शर्मा, मनोज शर्मा, अमित कुमार सिंह, विवेक शर्मा, आशुतोष अग्निहोत्री, श्याम चौधरी, बृजेंद्र कुमार, गौरव पचौरी, मदन गोपाल शर्मा, मनीष दीक्षित, प्रसून कुलश्रेष्ठ आदि मौजूद थे।