हाथरस : बाजार में बिकता तेल व रिफाइंड।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अप्रैल माह की शुरुआत में ही सहालग के चलते सरसों के तेल और रिफाइंड के दामों में भारी उछाल आया है। सरसों के तेल के दामों में 40 और रिफाइंड के दामों में 35 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही तेल और रिफाइंड के दाम 160 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते बाजार में तेल की खपत में 25 फीसदी की गिरावट आई है। इससे कारोबारियों के माथे पर चिंता के बल पड़े हुए हैं।
कारोबारियों का कहना है कि सहालगों में हर साल कई सौ लीटर तेल और रिफाइंड की खपत होती है। फिलहाल जमाखोरों ने कच्चे माल का स्टॉक कर रखा है। इस कारण सरसों के दाम चार हजार रुपये कुंतल से सात हजार रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गए हैं। बाजार में कच्चे माल की आवक कम होने से सरसों के तेल व रिफाइंड के दामों में बढ़ोतरी होने की बात दुकानदार कह रहे हैं। सहालग की शुरुआत हो गई है। इस बार पिछले साल की अपेक्षा जुलाई तक शुभ मुहूर्त भी ज्यादा हैं। कोरोना संक्रमण प्रचंड रूप ले रहा है। इस कारण लोग शादी विवाह भी मेहमानों की सीमित संख्या के सााि कर रहे हैं। इस कारण तेल की खपत में 25 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
मार्च में सरसों के तेल के दाम 110 रुपये प्रति लीटर थे। अब 160 रुपये प्रति लीटर हैं। रिफाइंड के दाम 125 रुपये प्रति लीटर थे। अब 160 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। कच्चे माल की आवक कम होने से तेल रिफाइंड के दामों में बढ़ोतरी हुई है। कोरोना संक्रमण के चलते बाजार में तेल की खपत में 25 प्रतिशत तक की गिरावट है।
-शैलेश वार्ष्णेय, तेल कारोबारी।
तेल और रिफाइंड के दाम अचानक बढ़ने से बजट गड़बड़ा रहा है। अचानक 30 से 40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। सरकार को महंगाई पर लगाम लगाने के लिए पहल करनी चाहिए, वरना आम लोगों के लिए भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। वैसे भी कोरोना काल में महंगाई के चलते लोग काफी परेशानी से जूझ रहे हैं।
-धीरज वर्मा, ग्राहक।