हाथरस नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने सोमवार को नगर पालिका परिषद के कार्यालय अधीक्षक विजय प्रकाश स्वर्णकार को निलंबित कर दिया है। ओएस पर आरोप है कि स्थानांतरण होने के बाद भी उन्होंने ओएस का चार्ज नहीं छोड़ा। चेयरमैन द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद से नगर पालिका कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
बता दें कि बीते महीने में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष द्वारा कार्यालय में लंबे समय से एक ही पटल पर जमे लिपिकों के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया था। जिसके तहत विजय प्रकाश स्वर्णकार को कार्यालय अधीक्षक एवं स्टोर कीपर की पदीय दायित्व से अवमुक्त करते हुए जलकल लिपिक के पदीय दायित्वों के प्रभार सौंपा गया था। संबंधित सभी पटल सहायकों को अपनी नवीन तैनाती पटल पर योगदान आख्या प्रस्तुत करते हुए कार्यभार ग्रहण करने तथा पटल संबंधी चार्ज संबंधित पटल प्रभारी/कर्मचारी को अविलंब तक हस्तगत करने के आदेश दिए गए थे।
ओएस विजयप्रकाश स्वर्णकार पर आरोप है कि कार्यालय अधीक्षक एवं स्टोर कीपर संबंधी महत्वपूर्ण अभिलेख एवं सामग्री की गणना और उनकी चार्ज लिस्ट तैयार किए जाने पर चार्ज का हस्तांतरण किए जाने हेतु 25 से 30 दिनों का समय मांगा गया है। आप नगर पालिका परिषद, हाथरस में प्रथम श्रेणी लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। आप स्वयं भी भिज्ञ है कि नगर पालिका अधिनियम 1916 में निहित प्रावधानों के अनुसार लिपिक संवर्ग के प्रत्येक मामले में निर्णय लेने के लिए अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, हाथरस सक्षम प्राधिकारी है। नियमानुसार आप द्वारा अपना प्रार्थना पत्र 03.08.2023 अधोहस्ताक्षरी को संबोधित तथा उचित माध्यम अधोहस्ताक्षरी को प्रेषित किया जाना चाहिए था। लेकिन जानबूझकर प्रार्थना पत्र 03.08.2023 अधिशासी अधिकारी को संबोधित कर उन्हें गुमराह किए जाने का असफल प्रयास किया है। आपका यह कृत्य कर्मचारी आचार संहिता के उल्लंघन का द्योतक है।
स्पष्ट है कि आप द्वारा किसी संयोजना के तहत प्रथम श्रेणी लिपिक/ प्र. कार्यालय अधीक्षक तथा स्टोर कीपर के पदीय अभिलेखीय संबंधी चार्ज विद्यासागर शर्मा, प्रथम श्रेणी लिपिक/ प्र कार्यालय अधीक्षक तथा स्टोर कीपर को हस्तगत नहीं किए जा रहे हैं। आदेशों की अवहेलना किए जाने आदि आरोपों में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाते हैं। आरोपों के संबंध में आपको तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। जलकल अनुभाग से संबद्ध किया जाता है। निलम्बनावधि में आपको नियमानुसार 1/2 जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। प्रकरण में अभिलाष कुमार रायकवार, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षण को जांच अधिकारी नामित किया जाता है।