न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बीएसए द्वारा जारी किए गए सेेवा समाप्ति के पत्र पर प्रबंधक ने अपना पक्ष रखते हुए अब बीएसए से दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के संबंध में राय मांगी है, क्योंकि एक शिक्षक तो वर्ष 2004 की बीएड डिग्री वाला है। दूसरे के खिलाफ डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से निर्णय नहीं आने की बात कही गई है। इसे लेकर प्रबंधक ने बीएसए को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा है।
बीएसए मनोज कुुमार मिश्र ने श्रीमती हरिप्यारी देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोहई के प्रबंधक को पत्र लिखकर टैंपर्ड अंकपत्र धारी दो शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई किए जाने की बात कही थी, लेकिन अब बीएसए के पत्र का प्रबंधक ने जवाब दिया है, जिसमें सहायक अध्यापक नरवेश कुुमार को लेकर कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार छह माह की अवधि के लिए या जब तक विश्वविद्यालय द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक टैंपर्ड अंकपत्रधारी अभ्यर्थियों के विरुद्घ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।
इस आदेश को लेकर नरवेश कुमार ने कार्रवाई नहीं करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इसके अलावा मोहित मधुर ने भी प्रबंधक के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उनका नाम व अनुक्रमांक एसआईटी की मदर सूची में नहीं है, क्योंकि उन्होंने वर्ष 2003-04 में बीएड की थी, वर्ष 2004-05 में री एग्जाम दिया था, इसलिए मधुुर ने भी कार्रवाई नहीं किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इन दोनों के पक्षों को सुनने के बाद प्रबंधक श्रीमती हरिप्यारी देवी उमावि रोहई ने बीएसए से मार्ग दर्शन मांगा है।
उमावि रोहई में नियुक्ति दो शिक्षकों की टैंपर्ड मार्कशीट को लेकर जो भी तथ्य हैं, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जो भी उचित होगा, वहीं कार्रवाई होगी।
-मनोज कुुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।