डेढ़ महीने पहले विशंभर सिंह गांव से खुर्जा गए थे। इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें लगा कि वह काम पर ही हैं, लेकिन 31 दिसंबर को खुर्जा पुलिस से जानकारी मिली कि उनकी मौत हो गई।
हाथरस में चंदपा के गांव परसारा के रहने वाले विशंभर सिंह (52) की खुर्जा में पांच दिसंबर को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। परिवार को उनकी मौत या लापता होने की जानकारी ही नहीं मिल सकी थी। एक महीने बाद जब पुलिस ने फोन किया तो पूरे घटनाक्रम का पता चला। खुर्जा पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों को 2 जनवरी को जेल भेजा है।
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विशंभर सिंह उर्फ गुुड्डा पिछले कई वर्षों से खुर्जा के समसपुर गांव में आटा चक्की पर काम करते थे। परिवार में दो बेटे व एक बेटी है। एक बेटी की शादी हो चुकी है। बेटे सुमित ने बताया कि वह मोबाइल नहीं रखते थे। डेढ़ महीने पहले वह गांव से खुर्जा गए थे। इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें लगा कि वह काम पर ही हैं, लेकिन 31 दिसंबर को खुर्जा पुलिस से जानकारी मिली कि उनकी मौत हो गई। जब परिवार के लोग वहां पहुंचे तो पता चला कि उनके पिता का शव पांच दिसंबर को शहजादपुर कनैनी गांव के पास कुएं में मिला था और शिनाख्त नहीं होने पर 9 दिसंबर को अंतिम संस्कार भी करा दिया गया था।
पुलिस से जानकारी मिली कि 27 नवंबर को विशंभर सिंह की हत्या चक्की मालिक के भाई सुदेश व उसके दोस्त योगेंद्र ने कर दी थी। शराब के नशे में हुई गाली-गलौज के दौरान डंडे से उन्हें पीटा गया और मौत के बाद कुएं में शव फेंक दिया था। शुक्रवार को खुर्जा पुलिस ने आरोपी सुदेश व योगेंद्र को जेल भेज दिया है। वहीं इधर, हत्या की जानकारी पर परिवार में कोहराम मचा है। परिवार आखिरी बार उन्हें देख भी नहीं सका।