न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शिक्षकों का कहना है कि भले ही अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में बाढ़ सी आ गई है, लेकिन हिंदी के प्रति नई पीढ़ी का प्रेम अब भी बरकरार है। युवा शिक्षक अपने हिंदी लेखन से बच्चों को प्रभावित कर रहे हैं। शहर के शिक्षकों का कहना है कि हिंदी से उन्हें बचपन से प्रेम है। भारत में हिंदी की सबसे अहम भूमिका है। हिंदी संस्कृत की आत्मा है। हिंदी हृदय की भाषा है। हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग कराने का संकल्प बच्चों को दिलाया जाए। जिससे ये मुहिम आगे भी जारी रहे। बच्चे बोलचाल में हिंदी का प्रयोग करें। संवाद
हिंदी देशप्रेम की विचारधारा है। संस्कृत के संस्कारों को आगे बढ़ाने वाली हिंदी विज्ञानी भाषा है। हिंदी सभ्यता और संस्कृति का प्रवेग है। हिंदी बहुमत की व्यावहारिक भाषा है। शिक्षा में जितनी हिंदी भाषा सफल होगी। उतनी कोई नहीं हो सकती है।
- कुलदीप कौशिक, शिक्षक।
भारत के विकास में हिंदी का अति महत्वपूर्ण योगदान है। यदि हम भारत विकसित देश के रूप में देखना चाहते हैं तो हिंदी का महत्व हम सबको समझना होगा। हिंदी के मुहावरे जीवन की प्राण संस्कृति के परिचायक हैं। हिंदी संस्कारों को आगे बढ़ाने वाली भाषा है।
-विनयकांत दीक्षित, शिक्षक।
किसी देश की भाषा उन्नति का मार्ग होती है। भारत में हिंदी की सबसे अहम भूमिका है। हिंदी ही एक भाषा है, जिसने हमारे देश को एकता के बंधन में बांध रखा है। विश्व के करीब 130 देशो में हिंदी भाषा का प्रयोग होता है। हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। इसलिए हिंदी के महत्व को समझें और दूसरों को समझाएं।
-सुनीत कुमार गौतम शिक्षक।
हिंदी बहुमत की व्यावहारिक भाषा है। हिंदी जन जन की भाषा है। हिंदी को शिक्षा का अधार माना जाए। इसे ज्यादा से ज्यादा समृद्ध व्यावहारिक रूप देने पर ध्यान देना चाहिए। इसके प्रचार प्रसार के लिए हर आदमी को जागरूक होना चाहिए।
-अनुराग तिवारी शिक्षक।
हाथरस : विनयकांत दीक्षित, शिक्षक। संवाद- फोटो : HATHRAS