न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ शासन स्तर से ई मंडी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इंटरनेट की कम स्पीड कारोबार में बाधा खड़ी कर रही है। ई नेम मंडी की वेबसाइट पर फसलों के मूल्य तक लोड नहीं हैं, जिससे किसान घर बैठे इनके बारे में जानकारी कर सकें। इंटरनेट की धीमी स्पीड के चलते आढ़तियां व मंडी प्रशासन दोनों खासे परेशान हैं। इस सिलसिले में आला अफसरों को भी अवगत करा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि बीते साल प्रदेश सरकार ने ई मंडी प्रणाली को लागू किया था। इसमें हाथरस मंडी भी शामिल है। ई नेम मंडी में यह नियम है कि कोई भी किसान ऑनलाइन अपने माल को आसानी से बेच सकता है। खास बात यह है कि ई नेम मंडी पोर्टल के संचालन में इंटरनेट की कम स्पीड मुश्किलें बढ़ा रही है। किसानों को घर बैठे फसलों के रेट की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
इस कारण किसानों को फसलों का वाजिब मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। किसान अपनी फसल को लेकर मंडी आ जाते हैं। वह अपनी फसलों को जैसे-तैसे बेच रहे हैं। मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि इंटरनेट की 100 एमबीपीएस की स्पीड आती है। इस कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस संदर्भ में मुख्यालय को भी अवगत करा दिया गया है। संवाद