न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में छुट्टा गोवंशों का आतंक लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। छुट्टा गोवंश जान और माल दोनों का नुकसान कर रहे हैं। इनकी वजह से आए दिन सड़कों पर हादसे हो रहे हैं। खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बुधवार की रात्रि में पुलिस के एक मुख्य आरक्षी की जान छुट्टा गोवंश की वजह से ही चली गई। इससे पहले भी कई लोगों की जान छुट्टा गोवंश की वजह से ही जा चुकी है।
छुट्टा गोवंशों के कारण किसानों को अपनी फसल को बचाने के लिए दिन रात खेतों पर चौकसी रखनी पड़ रही हैं। हालांकि. प्रशासन भी छुट्टा गोवंशों को पकड़कर गो आश्रय स्थलों में रखने के दावे कर रहा है, लेकिन यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
- छुट्टा गोवंशों के कारण पूरी रात खेतों में गुजारनी पड़ती है। आवारा गोवंशों की वजह से फसल का आए दिन नुकसान हो जाता है। - ज्वाला प्रसाद, झींगुरा
- ग्राम पंचायतों में बनी गोशालाओं में पशुओं के रहने के लिए उचित व्यवस्था नहीं हैं, इस कारण यह वहां से निकल कर फसल को बर्बाद कर देती हैं। - लक्ष्मण सिंह, किसान
- अब रात के समय से सड़कों पर चलने में भी डर लगता है। फसल के साथ-साथ लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। - राजू सिंह, कैमार
- खेतों पर दिन- रात फसल के बचाव के लिए चौकसी रखनी पड़ती है। अगर खेत पर न रहो तो फसल को नष्ट कर देते हैं। - सुरेश चंद्र, नगला अलगर्जी