कौशल कुमार ओझा
हाथरस। 29 दिन के लॉकडाउन में हाथरस एवं अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों में वायु, ध्वनि व जल प्रदूषण के स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि लॉकडाउन में भले ही लोगों को कुछ परेशानी हो रही हो। पृथ्वी एवं पर्यावरण की दृष्टि से यह स्वर्णिम काल के रूप में याद किया जाएगा।
कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए 25 मार्च से देश में लॉकडाउन किया गया है। इसकी वजह से अधिकतर कल कारखाने बंद है। हवाईजहाज, ट्रेन से लेकर अन्य तमाम तरह के वाहन नहीं चल रहे हैं या सीमित संख्या में चल रहे हैं। इसकी वजह से पर्यावरण की सेहत जरूर दुरुस्त हो गई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किए गए अध्ययन में अलीगढ़ के वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जमाने बाद शहरी क्षेत्र के लोग भी चिड़ियों की चहचहाहट सुन रहे हैं।
वायु व ध्वनि प्रदूषण के स्तर में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से बहुत नीचे है। यहीं स्थिति मेंटेन रहे तो प्रदूषण की वजह से किसी को परेशानी नहीं होगी। कारखाने बंद हैं। वाहन या तो नहीं चल रहे हैं या सीमित संख्या में चल रहे हैं। बाजार में जाम नहीं लग रहा है। लोग भी घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। हाथरस में प्रदूषण का स्तर अलीगढ़ से भी कम होने का अनुमान है। वहां पर कल कारखाने कम है। हाथरस नगर की आबादी भी अलीगढ़ की तुलना में कम है।
- रामगोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
पृथ्वी एवं पर्यावरण के लिए यह सुनहरा अवसर है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया है। कोरोना वायरस की वजह से दुनिया में कोहराम की स्थिति है। दुनिया के अधिकतर देशों में लॉकडाउन चल रहा है। संकट के इस काल में सबसे अधिक लाभ पर्यावरण एवं पृथ्वी को हुआ है। हाथरस, उत्तर प्रदेश एवं भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के पर्यावरण को लॉकडाउन से लाभ हुआ है। हम लोग अपने स्वार्थ में इतने अंधे हो गए हैं कि सामान्य दिनों में पर्यावरण के बारे में चिंता नहीं करते।
- मेजर रामकमल दीक्षित, प्राचार्य, बागला डिग्री कॉलेज
हाथरस में वायु व ध्वनि प्रदूषण के स्तर की जांच नहीं
हाथरस में वायु प्रदूषण के स्तर की जांच की सुविधा नहीं है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलीगढ़ द्वारा कभी भी ध्वनि प्रदूषण के स्तर की जांच कराई जाती है। हालांकि लॉकडाउन के दौरान ध्वनि प्रदूषण के स्तर की भी जांच नहीं हुई है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल कहते हैं कि हाथरस में वायु प्रदूषण जांच की सुविधा नहीं है। ध्वनि प्रदूषण की जांच समय-समय पर होती रहती है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान ध्वनि प्रदूषण के स्तर का अध्ययन नहीं हो पाया है।
वायु प्रदूषण.... अलीगढ़
लॉकडाउन में वायु प्रदूषण लॉकडाउन के पहले की स्थिति मानक
पीएम 10 - 87.7 136.7 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
पीएम 2.5 - 28 54.64 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
सल्फर डाइऑक्साइड - 8.5 16 80 ----
नाइट्रोजन ऑक्साइड - 10.6 18 80 ----
ध्वनि प्रदूषण..... अलीगढ़
स्थान वर्गीकरण लॉकडाउन में स्तर लॉकडाडन के पहले मानक
ज्ञान सरोवर आवासीय 44.8 58.8 55 डेसिबल
सेंटर प्वाइंट व्यवसायिक 48.6 80.6 65 डेसिबल
डीडी अस्पताल शांत क्षेत्र 39.2 54.2 50 --
तालानगरी औद्योगिक 40.6 75.6 75 --