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अब कलेक्ट्रेट के गेट पर दिया लेखपालों ने धरना
क्रासर
कलेक्ट्रेट परिसर में अंदर जाने पर पुलिस से हुई नोक-झोंक
संवाद न्यूज एजेंसी
हाथरस। शासन व प्रशासन स्तर से कार्रवाई किए जाने के बाद भी लेखपालों का धरना प्रदर्शन जारी है। शनिवार को लेखपालों की कलेक्ट्रेट के गेट से परिसर में पुलिस द्वारा अंदर न जाने की स्थिति में नोक-झोंक हुई। कलेक्ट्रेट परिसर में अंदर प्रवेश नहीं दिए जाने पर लेखपालों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर ही मोर्चा खोल दिया और धरना कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शासन स्तर से लेखपालों का धरने को अवैध घोषित कर दिया गया है। यहां तक कि शासन के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा 19 लेखपालों को निलंबित भी किया जा चुका है। वहीं जिले में धारा-144 लागू होने की स्थिति में धरना जारी रखने की दशा में कोतवाली मुरसान में जिलाध्यक्ष सहित 24 नामजद व 60 अन्य के मुकदमा भी दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद भी लेखपालों का धरना जारी है। शनिवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार लेखपाल कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने के लिए पहुंचे। कलेक्ट्रेट के दोनों गेटों को बंद कर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था। इस स्थिति में गेट में से परिसर में अंदर जाने के लिए लेखपालों की तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन लेखपालों को कलेक्ट्रेट में अंदर नहीं जाने दिया गया। इस से गुस्साए लेखपालों ने शासन व प्रशासन के खिलाफ कलेक्ट्रेट के गेट पर ही मोर्चा खोल दिया और जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट के गेट पर ही धरना-प्रदर्शन किया। वहीं लेखपाल महावीर सिंह की पत्नी की मृत्यु होने के कारण 2 मिनट का मौन रखा गया और धरने को दोपहर में स्थिगित कर दिया गया। इस मौके पर विजय कुमार शर्मा, यतेंद्र उपाध्याय, निजामुद्दीन खां, रिषी कुमार, प्रेम शंकर,आमिर खान, नरेंद्र कुमार, श्वेता यादव, रुचि सिंह, अजीत सिंह, डालचंद्र, रामजीलाल, विवेक वार्ष्णेय, हिमांशु गौतम अरविंद कुमार, सचिन पुंढीर आदि मौजूद थे।