न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन की अवधि में जिला प्रशासन ने उद्योगों के संचालन के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। इसमें कुछ संचालकों ने कर्मियों की सूची जिला प्रशासन के यहां सौंप दी है। बाकी फैक्टरी संचालक अभी संचालन को लेकर मंथन कर रहे हैं, क्योंकि फैक्ट्रियों में लेबर रात्रि में रुकने को तैयार नहीं है। इस कारण जिले के उद्योग धंधे रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हाथरस उद्योग की नगरी कहा जाता है। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट में यहां की हींग भी शामिल है। यहां दाल मिल, नमकीन, रंग गुलाल, मेटल कारोबार, घुंघरू, मूंगा मोती सहित दर्जनों की संख्या में उद्योग संचालित होते हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन में व्यापारियों की मानें तो यह शामिल हैं। एक फैक्टरी में दस कर्मी काम करेंगे। जिस फैक्टरी में यह काम करेंगे, वहीं उन्हें रोकना होगा।
कुछ व्यापारी यह कह रहे है कि दस कर्मियों से फैक्टरी का संचालन नहीं हो सकता है। इससे अच्छा वह फैक्टरी को बंद रखें। साथ ही व्यापारियों की मानें तो रात्रि में लेबर रुकने को तैयार नहीं है। इस कारण जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन पर उद्योग का संचालन मुश्किल है, इसलिए कारोबारी संचालन को लेकर आपस में मंथन कर रहे हैं। कुछ फैक्टरी संचालकों ने जिला प्रशासन को कर्मियों की सूची भी सौंपी है, जो संचालन के मूड में है।